{"_id":"6367f5c2e654e705d1353f63","slug":"political-temperature-increased-rampur-news-mbd4465107118","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप चुनाव का एलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां हुई तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप चुनाव का एलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां हुई तेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। रामपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव का एलान होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं। टिकट के दावेदारों ने दिल्ली-लखनऊ में डेरा डाल दिया है और अपने पक्ष में लामबंदी शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को यह अवगत कराने की कोशिश की जा रही है कि उप चुनाव में किस तरह के समीकरण होंगे और आंकड़े उनके पक्ष में कैसे हैं। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि बड़े राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों का एलान जल्द कर दिया जाएगा, ताकि उनको चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर में 14 फरवरी को मतदान हुआ था और परिणाम 10 मार्च को जारी हुआ था। चुनाव में सपा के प्रत्याशी आजम खां 55,141 मतों से जीत हासिल की थी। आजम खां को कुल 1,31 225 वोट हासिल हुए थे। दूसरे स्थान पर भाजपा के आकाश सक्सेना रहे थे, जिन्होंने 76,084 वोट हासिल किए थे। इसके अलावा अन्य प्रत्याशी पांच हजार के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाए थे। आजम खां ने 2022 के विधानसभा का चुनाव सीतापुर की जेल में रहते हुए लड़ा था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने विधायक के रूप में अलग से शपथ ग्रहण किया था। रामपुर विधासभा सीट पर दसवीं बार विधायक चुने गए आजम खां का इस बार का कार्यकाल मात्रा 154 दिनों का रहा। नफरती भाषण देने के एक मामले में कोर्ट ने उनको तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुना दी। तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद आजम खां की विधायकी रद्द कर दी गई और 27 अक्तूबर से इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया। चुनाव आयोग ने 05 नवंबर को इस सीट पर उप चुनाव कराए जाने का एलान कर दिया और मतदान की तिथि 05 दिसंबर घोषित कर दी गई।
उप चुनाव कराए जाने का एलान के साथ ही इस सीट से अलग-अलग राजनीतिक दलों से टिकट के दावेदारों की सरगर्मी तेज हो गई है। सभी ने अपने संपर्क सूत्र खंगालने शुरू कर दिए हैं। कई प्रत्याशी को दिल्ली और लखनऊ पहुंच गए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से भी अंदरुनी सर्वे कराया जा रहा है कि इस बार इस सीट पर क्या समीकरण रहेंगे। हालांकि सभी की नजरें आजम खां की ओर लगी हुई है कि उनका अगला कदम क्या होगा। उम्मीद है कि आजम और सपा की रणनीति देखने के बाद ही अन्य राजनीतिक दल अपने पत्ते खोलें।
विज्ञापन
विज्ञापन
2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर में 14 फरवरी को मतदान हुआ था और परिणाम 10 मार्च को जारी हुआ था। चुनाव में सपा के प्रत्याशी आजम खां 55,141 मतों से जीत हासिल की थी। आजम खां को कुल 1,31 225 वोट हासिल हुए थे। दूसरे स्थान पर भाजपा के आकाश सक्सेना रहे थे, जिन्होंने 76,084 वोट हासिल किए थे। इसके अलावा अन्य प्रत्याशी पांच हजार के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाए थे। आजम खां ने 2022 के विधानसभा का चुनाव सीतापुर की जेल में रहते हुए लड़ा था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने विधायक के रूप में अलग से शपथ ग्रहण किया था। रामपुर विधासभा सीट पर दसवीं बार विधायक चुने गए आजम खां का इस बार का कार्यकाल मात्रा 154 दिनों का रहा। नफरती भाषण देने के एक मामले में कोर्ट ने उनको तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुना दी। तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद आजम खां की विधायकी रद्द कर दी गई और 27 अक्तूबर से इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया। चुनाव आयोग ने 05 नवंबर को इस सीट पर उप चुनाव कराए जाने का एलान कर दिया और मतदान की तिथि 05 दिसंबर घोषित कर दी गई।
विज्ञापन
उप चुनाव कराए जाने का एलान के साथ ही इस सीट से अलग-अलग राजनीतिक दलों से टिकट के दावेदारों की सरगर्मी तेज हो गई है। सभी ने अपने संपर्क सूत्र खंगालने शुरू कर दिए हैं। कई प्रत्याशी को दिल्ली और लखनऊ पहुंच गए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से भी अंदरुनी सर्वे कराया जा रहा है कि इस बार इस सीट पर क्या समीकरण रहेंगे। हालांकि सभी की नजरें आजम खां की ओर लगी हुई है कि उनका अगला कदम क्या होगा। उम्मीद है कि आजम और सपा की रणनीति देखने के बाद ही अन्य राजनीतिक दल अपने पत्ते खोलें।
विज्ञापन