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लंबित मामलों का तय समय सीमा के भीतर हो निस्तारण : राज्य सूचना आयुक्त
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रामपुर। राज्य सूचना आयुक्त ने कलक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों की जनसूचना अधिकार के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान राज्य सूचना आयुक्त किरन बाला चौधरी ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय अधिकारी जनसूचना अधिनियम 2005 के तहत प्रार्थना पत्रों से जुड़ी सूचनाएं ससमय उपलब्ध कराएं। किसी के बारे में व्यक्तिगत सूचना मांगना नियमानुकूल नहीं है, अर्थात किसी की व्यक्तिगत सूचनाओं को देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा है कि ऐसे में किसी की निजता का हनन होगा और सूचना का दुरुपयोग भी किया जा सकता है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत लंबित मामलों में विभागवार समीक्षा की तथा कहा कि वादी को समय से गुणवत्तायुक्त सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जनसूचना अधिकारी का दायित्व है कि वह मांगी गई सूचना नियमानुसार होने की दशा में 30 दिन के अंदर उपलब्ध कराएं। बैठक के दौरान पूर्ति अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, बेसिक शिक्षा, चिकित्साधिकारी, परिवाहन, ग्राम्य विकास, सिंचाई और माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों को लंबित 411 प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा में निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान राज्य सूचना आयुक्त किरन बाला चौधरी ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय अधिकारी जनसूचना अधिनियम 2005 के तहत प्रार्थना पत्रों से जुड़ी सूचनाएं ससमय उपलब्ध कराएं। किसी के बारे में व्यक्तिगत सूचना मांगना नियमानुकूल नहीं है, अर्थात किसी की व्यक्तिगत सूचनाओं को देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा है कि ऐसे में किसी की निजता का हनन होगा और सूचना का दुरुपयोग भी किया जा सकता है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत लंबित मामलों में विभागवार समीक्षा की तथा कहा कि वादी को समय से गुणवत्तायुक्त सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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जनसूचना अधिकारी का दायित्व है कि वह मांगी गई सूचना नियमानुसार होने की दशा में 30 दिन के अंदर उपलब्ध कराएं। बैठक के दौरान पूर्ति अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, बेसिक शिक्षा, चिकित्साधिकारी, परिवाहन, ग्राम्य विकास, सिंचाई और माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों को लंबित 411 प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा में निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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