{"_id":"57ed6d3e4f1c1bc01c57465f","slug":"pak-ladies-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदुस्तान की सरजमीं पर दफन हुई पाकिस्तानी बहू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदुस्तान की सरजमीं पर दफन हुई पाकिस्तानी बहू
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Fri, 30 Sep 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान के करांची से आई अमीरजहां (बीच में) जिनका दिल का दौरा पड़ने से गुरुवार को निधन हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भारतीय सरजमीं पर जन्म ही नहीं लिया बल्कि खेलकूद कर यहीं पर पली-बढ़ी, लेकिन ब्याह पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हुआ। मगर, इसके बाद भी हिंदुस्तान की मिट्टी से प्यार कम नहीं हुआ। मौजूदा वक्त में भारत-पाक के बीच बिगड़ते हालात और सीमा पर तनाव के बीच रामपुर पहुंची इस पाकिस्तानी बहू ने आखिरकार अपने वतन में ही आखिरी सांस ली और फिर यहीं दफन भी हो गईं।
कहते हैं वक्त और हालात कब किसकों कहां ले जाए कुछ नहीं पता लेकिन मुल्क से मुहब्बत कहीं भी किसी के दिल में कम नहीं होती। रामपुर की सरजमीं पर जन्म लेने वाली अमीरजहां का निकाह पाकिस्तान में हुआ,जहां उन्होंने अपनी जिंदगी के चालीस साल गुजार दिए, लेकिन जब आखिरीवक्त आया तो वह अपने मुल्क चली आईं और यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली।
विज्ञापन
शहर के मुहल्ला गाड़ीवालान निवासी शकील अहमद के घर 19 सितंबर को ही उसकी बहन अमीर जहां करांची से रामपुर पहुंची थीं, लेकिन गुरुवार की तड़के अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई और आखिरी सांस ली। 60 वर्षीय अमीर जहां के निधन की सूचना शकील ने अमीर जहां के परिजनों को पाकिस्तान में फोन के जरिए दे दी, जिसके बाद दोनों मुल्कों में रहने वाले परिवार में कोहराम मच गया। भारत पाक सीमा पर बिगड़ते हालात और तनाव के बीच पाकिस्तान से आई महिला की मौत की खबर के बाद मुहल्ले में भी भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
देर शाम सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अमीर जहां का दफन भी कर दिया गया। परिवार के लोगों के मुताबिक अमीर जहां का जन्म इसी मुहल्ले में हुआ था। अमीर जहां के पिता जमील खां ने उनकी शादी चालीस साल पहले पाकिस्तान के कराची में रहने वाले वली अहमद के संग की थी। निकाह के बाद अमीर जहां हिंदुस्तानी से पाकिस्तानी हो गईं।
पाकिस्तानी बहू बनने के बाद भी अमीर जहां का हिंदुस्तान और यहां रहने वाले अपने घर वालों से मुहब्बत कम नहीं हुई और वह अक्सर यहां आती रहती थीं। परिवार के लोग बताते हैं: वह अक्सर हिंदुस्तान में ही आखिरी सांस लेने की इच्छा जताती थीं। गुरुवार को जब अमीर जहां ने आखिरी सांस ली और फिर अपनों के बीच ही उनको रामपुर में ही दफन कर दिया गया।