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सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के प्रार्थना पत्र पर सरकारी अधिवक्ता ने दाखिल की आपत्ति
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रामपुर। स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट के मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकारी अधिवक्ता की ओर से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दाखिल की गई। अब्दुल्ला आजम ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कोर्ट में पैनकार्ड और पासपोर्ट के मामले में संयुक्त गवाही के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट होने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया है और वे जमानत पर चल रहे हैं। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
सोमवार को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी। जिसके लिए कोर्ट में अब्दुल्ला आजम पहुंच गए। इस दौरान अब्दुल्ला आजम के प्रार्थना पत्र पर सरकारी वकील की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। जिसमें कहा गया है कि अब्दुल्ला आजम का प्रार्थना पत्र विधि सम्मत नहीं है। जिसे निरस्त किया जाए। अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ताओं ने छह जून को प्रार्थना पत्र दिया था कि पेनकार्ड और पासपोर्ट के मामले में गवाही संयुक्त रूप से पढ़ी जाए। वादी के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
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वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट होने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया है और वे जमानत पर चल रहे हैं। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
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सोमवार को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी। जिसके लिए कोर्ट में अब्दुल्ला आजम पहुंच गए। इस दौरान अब्दुल्ला आजम के प्रार्थना पत्र पर सरकारी वकील की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। जिसमें कहा गया है कि अब्दुल्ला आजम का प्रार्थना पत्र विधि सम्मत नहीं है। जिसे निरस्त किया जाए। अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ताओं ने छह जून को प्रार्थना पत्र दिया था कि पेनकार्ड और पासपोर्ट के मामले में गवाही संयुक्त रूप से पढ़ी जाए। वादी के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
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