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जौहर यूनिवर्सिटी को वन विभाग का नोटिस, लीज के नियमों को ताक पर रख कर काटे गए दो हजार से ज्यादा पेड़
Tue, 27 Aug 2019 06:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2019 06:46 AM IST
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जौहर यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को वन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (वीसी) को जारी किया गया है। आरोप है कि लीज पर ली गई ग्राम समाज की जमीन पर लगे 2 हजार 173 पेड़ काटे गए हैं, जो वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा चार का उल्लंघन है।
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यूनिवर्सिटी को नोटिस का जवाब सात दिन में देना होगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। सींगनखेड़ा में 1998 में वन विभाग की ओर से पौधरोपण किया गया था। तब यहां खैर और शीशम के पौधे लगाए गए थे, इसके बाद जमीन को ग्राम समाज को हस्तांतरित कर दिया गया था। सपा सरकार में यह जमीन जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई थी, जिसमें पेड़ों को न काटने की शर्त थी।
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भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना नेे जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में वन विभाग के पेड़ों को बिना अनुमति के काटा गया है। इन पेड़ों की कीमत भी करोड़ों में बताई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए थे।
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नौ सदस्यीय टीम ने यह जांच की। जांच में सामने आया कि पेड़ों को नियम विरुद्ध तरीके से काटा गया है। लीज की शर्तों को नहीं माना गया है। टीम ने जांच रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिसके बाद वन विभाग की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई जमीन पर 2 हजार 173 पेड़ खैर के थे। लीज की शर्तों में इसे मेनटेन करना था, लेकिन अब पेड़ मौके से गायब हैं। वन विभाग ने नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिनों का समय दिया है। जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।