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Rampur News: नाले की जमीन कब्जाने में फैक्टरी के प्रबंधक को नोटिस
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रामपुर। एसडीएम अरुण कुमार ने उत्तराखंड सीमा से सटे ग्राम टैमरा स्थित गणेशा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी के प्रबंधक को नाले की भूमि कब्जाने के आरोप में नोटिस जारी किया है। उन्होंने तीन दिन में जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एसडीएम अरुण कुमार के अनुसार ग्राम टैमरा के लोगों ने शिकायत की है कि गांव में गाटा संख्या 110 रकवा 0.09 डेसीमल नाली के नाम श्रेणी छह के रूप में दर्ज है। उनका आरोप है कि गणेशा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने खतौनी में हेराफेरी कर उक्त भूमि अपने नाम कर ली है। नाली का स्वरूप बदलकर फैक्टरी के अंदर कर लिया है। जिसके कारण काॅलोनी व खेतों के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि फैक्टरी द्वारा निकाले जा रहे केमिकल युक्त पानी के कारण लोगों को हेपेटाइटिस सी व चर्म रोग भी हो रहा है। इसके अलावा भी कई आरोप हैं। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों ने शिकायतीपत्र डीएम व मंडलायुक्त को भी भेजा है। उन्होंने ग्रामीणों के सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए फैक्टरी के प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है।
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इस मामले में फैक्टरी के प्रबंधक योगेंद्र पाल आर्य ने बताया कि मामला राजनीति से प्रेरित है। ग्रामीणों द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सभी बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नोटिस मिल गया है। वह शीघ्र ही अपना पक्ष एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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एसडीएम अरुण कुमार के अनुसार ग्राम टैमरा के लोगों ने शिकायत की है कि गांव में गाटा संख्या 110 रकवा 0.09 डेसीमल नाली के नाम श्रेणी छह के रूप में दर्ज है। उनका आरोप है कि गणेशा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने खतौनी में हेराफेरी कर उक्त भूमि अपने नाम कर ली है। नाली का स्वरूप बदलकर फैक्टरी के अंदर कर लिया है। जिसके कारण काॅलोनी व खेतों के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
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ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि फैक्टरी द्वारा निकाले जा रहे केमिकल युक्त पानी के कारण लोगों को हेपेटाइटिस सी व चर्म रोग भी हो रहा है। इसके अलावा भी कई आरोप हैं। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों ने शिकायतीपत्र डीएम व मंडलायुक्त को भी भेजा है। उन्होंने ग्रामीणों के सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए फैक्टरी के प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है।
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इस मामले में फैक्टरी के प्रबंधक योगेंद्र पाल आर्य ने बताया कि मामला राजनीति से प्रेरित है। ग्रामीणों द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सभी बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नोटिस मिल गया है। वह शीघ्र ही अपना पक्ष एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।