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दो माह गुजरे, बैंकों में खत्म नहीं हुई कतार
अमर उजाला ब्यूरो रामपुर/सैदनगर/मिलक।
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:55 AM IST
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सैदनगर क्षेत्र के खौद में बैंक आफ बड़ौदा शाखा के बाहर लगी ग्राहकों की लाइनें।
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नोटबंदी के दो माह बीत गए, लेकिन गांवों के बैंकों की तस्वीर अभी नहीं बदली है। बैंकों में कैश की किल्लत से लोग परेशान हैं। एटीएम भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। शहरी क्षेत्र के बैंकों की हालत भी में सुधार होने के बाद भी नोटबंदी का असर अब आम लोगों पर देखा जा रहा है।
जिले में नोटबंदी का असर साफ देखा जा रहा है। नोटबंदी के दो माह बीत चुके हैं, लेकिन कैश को लेकर किल्लत बरकरार है। शहर में कुछ हालात सुधरे जरूर हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में हालत जस की तस है। आदेश है कि ग्रामीण इलाकों के बैकों को चालीस फीसदी कैश उपलब्ध कराया जाए, लेकिन इस आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसकी वजह से आम जनता परेशान है। शहर से लेकर गांव तक यही स्थिति है।
सैदनगर क्षेत्र के बैंक आफ बड़ौदा की खौद, सैदनगर, सींगनखेड़ा शाखा में लोगों को कैश नहीं मिल रहा है। लंबी कतार में लोग खड़े हुए हैं, लेकिन कैश हाथ नहीं आ रहा है। इसके अलावा कोआपरेटिव बैंकों में भी कैश के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। प्रथमा बैंक से लेकर अन्य बैंकों की हालत काफी नाजुक है। लंबी कतार में खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। महिलाएं कड़ाके की ठंड में कैश के लिए कतार में लगी हैं, लेकिन कैश नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से हालत ठीक नहीं है। बैंक अफसरों का कहना है कि जल्द ही इसमें सुधार की उम्मीद है।
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जिले में नोटबंदी का असर साफ देखा जा रहा है। नोटबंदी के दो माह बीत चुके हैं, लेकिन कैश को लेकर किल्लत बरकरार है। शहर में कुछ हालात सुधरे जरूर हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में हालत जस की तस है। आदेश है कि ग्रामीण इलाकों के बैकों को चालीस फीसदी कैश उपलब्ध कराया जाए, लेकिन इस आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसकी वजह से आम जनता परेशान है। शहर से लेकर गांव तक यही स्थिति है।
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सैदनगर क्षेत्र के बैंक आफ बड़ौदा की खौद, सैदनगर, सींगनखेड़ा शाखा में लोगों को कैश नहीं मिल रहा है। लंबी कतार में लोग खड़े हुए हैं, लेकिन कैश हाथ नहीं आ रहा है। इसके अलावा कोआपरेटिव बैंकों में भी कैश के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। प्रथमा बैंक से लेकर अन्य बैंकों की हालत काफी नाजुक है। लंबी कतार में खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। महिलाएं कड़ाके की ठंड में कैश के लिए कतार में लगी हैं, लेकिन कैश नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से हालत ठीक नहीं है। बैंक अफसरों का कहना है कि जल्द ही इसमें सुधार की उम्मीद है।
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