रामपुर। नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे प्रकरण में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत की गई। 172 पेज की प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत कर कोर्ट ने अब इस प्रस्तावित विभाजन योजना पर सभी पक्षकारों से आपत्ति मांगी है। इसके लिए कोर्ट ने 15 दिन का समय दिया है।
रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। लेकिन, पिछले साल से अब तक कोरोना संक्रमण के कारण न्यायालय संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे, जिस कारण निर्धारित समय अवधि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। लेकिन, अब यह प्रक्रिया कोर्ट में रफ्तार पकड़ चुकी है। बृहस्पतिवार को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सभी पक्षकारों को कहां-कहां संपत्ति मिलेगी इसको लेकर तैयार की गई प्रस्तावित विभाजन योजना कोर्ट में प्रस्तुत की गई। इस पर अब सभी पक्षकारों से आपत्ति भी मांगी गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना और मामले में 11 पक्षकारों के अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोर्ट में प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत की गई। अब इस पर सभी पक्षों से आपत्ति मांगते हुए 15 दिन का समय दिया गया है।