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नवाब की संपत्ति परिवार में ही रहे इसकी होगी पहली कोशिश
Sat, 15 Feb 2020 04:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 04:09 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट ने इसके लिए 18 हिस्सेदार और उनके शेयर निर्धारित कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नवाब की संपत्ति के बंटवारे के लिए नौ शर्ते निर्धारित की है। इन शर्तो के मुताबिक संपत्ति विभाग की प्रक्रिया चल रही है।
रजा अली खां की संपत्ति का विवाद लंबे समय तक कोर्ट में चला। लगभग 50 साल की कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई 2019 को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट नेे नवाब रजा अली खां को रामपुर रियासत का आखिरी नवाब मानते हुए उनकी संपत्ति विभाजन उनके वारिसान के बीच करने का फैसला दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाने के चाहिए कि नवाब की संपत्ति परिवार के बीच ही रहे। नवाब की चल-अचल संपत्ति के मूल्यांकन के लिए कमिश्नर नियुक्त किए जाएं। अचल संपत्ति के मामले में कोर्ट नेे कहा है कि पहले यह प्रयास किया जाना चाहिए कि अचल संपत्ति का बंटवारा निर्धारित हिस्सेदारों के बीच उनके शेयर के मुताबिक हो जाए।
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इसके लिए ट्रायल कोर्ट को कमिश्नर नियुक्त करने चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर किसी स्थिति में अचल संपत्ति के बंटवारे में कोई असहमति बनती दिखे तो ट्रायल कोर्ट को ओवेल्टी मनी निर्धारित कर इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए। प्रयास तो यही होनी चाहिए संपत्ति परिवार के बीच ही रहे।
चल संपत्ति के मामले में भी कोर्ट ने कहा है कि नवाब रजा अली खां की चल संपत्ति का मूल्यांकन कमिश्नर के माध्यम से कराया जाए। संपत्ति का बंटवारा हिस्सेदारों के बीच उनके शेयर के मुताबिक किया जाए। अगर ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो ओवेल्टी मनी निर्धारित की जाए।
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रजा अली खां की संपत्ति का विवाद लंबे समय तक कोर्ट में चला। लगभग 50 साल की कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई 2019 को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट नेे नवाब रजा अली खां को रामपुर रियासत का आखिरी नवाब मानते हुए उनकी संपत्ति विभाजन उनके वारिसान के बीच करने का फैसला दिया है।
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कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाने के चाहिए कि नवाब की संपत्ति परिवार के बीच ही रहे। नवाब की चल-अचल संपत्ति के मूल्यांकन के लिए कमिश्नर नियुक्त किए जाएं। अचल संपत्ति के मामले में कोर्ट नेे कहा है कि पहले यह प्रयास किया जाना चाहिए कि अचल संपत्ति का बंटवारा निर्धारित हिस्सेदारों के बीच उनके शेयर के मुताबिक हो जाए।
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इसके लिए ट्रायल कोर्ट को कमिश्नर नियुक्त करने चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर किसी स्थिति में अचल संपत्ति के बंटवारे में कोई असहमति बनती दिखे तो ट्रायल कोर्ट को ओवेल्टी मनी निर्धारित कर इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए। प्रयास तो यही होनी चाहिए संपत्ति परिवार के बीच ही रहे।
चल संपत्ति के मामले में भी कोर्ट ने कहा है कि नवाब रजा अली खां की चल संपत्ति का मूल्यांकन कमिश्नर के माध्यम से कराया जाए। संपत्ति का बंटवारा हिस्सेदारों के बीच उनके शेयर के मुताबिक किया जाए। अगर ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो ओवेल्टी मनी निर्धारित की जाए।