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अब बसपा की राजनीति करेंगे नवेद मियां और उनके बेटे
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:59 AM IST
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लखनऊ में नवेद मियां बसपा ज्वाइन करने के बाद बेटे हमजा मियां और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ।
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नूरमहल पर एक बार फिर दो दलों के झंडे लहराएंगे। कभी कांग्रेसी गढ़ कहा जाने वाला नूरमहल एक बार फिर बसपा के नीले झंडे का गवाह बनेगा। इस बार भी कांग्रेसी दिग्गज बेगम नूरबानो के बेटे नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां बसपा में शामिल हो गए हैं। इस बार खास बात यह है कि नवेद मियां के साथ उनके पुत्र नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां भी बसपा में आ गए हैं।
विधायक नवेद मियां 2012 का विधान सभा चुनाव कांग्रेस से लड़कर जीते थे। स्वार टांडा उनकी विधान सभा सीट है। पिछले एमएलसी चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। कारण उनकी बसपा से नजदीकियां थीं। बसपा राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी उनके यहां नूरमहल में आए थे। उन्होंने पहले नवेद मियां के पुत्र नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां को बसपा ज्वाइन कराई थी। इसके बाद विधायक नवेद मियां बुधबार को लखनऊ में बसपा में शामिल हो गए।
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नवेद मियां का बसपा में शामिल होना रामपुर की राजनीति के लिए काफी उलटफेर वाला हो सकता है। क्योंकि रामपुर में नवाब परिवार का जो असर है, वह राजनीतिक रूप से प्रभाव डालेगा। सूत्रों का यहां तक कहना है कि नवाबजादा हमजा मियां को भी किसी सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। लेकिन नूरमहल से जुड़े सूत्र इससे इनकार कर रहे हैं।
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