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Rampur News: शिव-पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया
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रामपुर। खजुरिया क्षेत्र के चंदपुरा जदीद गांव स्थित शिवमंदिर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक ममता देवी शास्त्री द्वारा श्रद्धालुओं को शिव-पार्वती विवाह, परीक्षित और सुखदेव के जन्म का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सोमवार को चंदपुरा जदीद गांव के शिव मंदिर पर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में जिला बरेली से आई कथावाचक ममता देवी शास्त्री ने श्रद्धालुओं को शंकर जी का विवाह, परीक्षित जन्म और सुखदेव जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब शंकर जी राजा हिमाचल के यहां बरात लेकर पहुंचे, तब उन्हें भस्म रमाए नंदी पर बैठे दूल्हे और उनके बराती भूत प्रेतों को देखकर सभी की हंसी रुक नहीं रही थी।
हालांकि, पार्वती जी को सत्य स्वरूप वाले शंकर जी को प्राप्त करना था। इसलिए पार्वती जी ने किसी की हंसी पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्हें भगवान के प्रति प्रेम था। शास्त्री ने सभी श्रद्धालुओं को अपने जीवन में गुरु का होना नितांत आवश्यक बताते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है। गुरु हमें ज्ञान का रास्ता बताते हैं। तभी हम उस ईश्वर के प्रति आसानी से पहुंच सकते हैं। इस मौके पर गनेशीलाल, सरस्वती देवी, ओमवती, भाग्यश्री, नीलम देवी, प्रियंका, कुसुम देवी, आरती देवी, रिंकू, सत्यप्रकाश, रामकिशोर, जमुनाप्रसाद आदि तमाम श्रद्धालु लोग मौजूद रहे।
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सोमवार को चंदपुरा जदीद गांव के शिव मंदिर पर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में जिला बरेली से आई कथावाचक ममता देवी शास्त्री ने श्रद्धालुओं को शंकर जी का विवाह, परीक्षित जन्म और सुखदेव जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब शंकर जी राजा हिमाचल के यहां बरात लेकर पहुंचे, तब उन्हें भस्म रमाए नंदी पर बैठे दूल्हे और उनके बराती भूत प्रेतों को देखकर सभी की हंसी रुक नहीं रही थी।
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हालांकि, पार्वती जी को सत्य स्वरूप वाले शंकर जी को प्राप्त करना था। इसलिए पार्वती जी ने किसी की हंसी पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्हें भगवान के प्रति प्रेम था। शास्त्री ने सभी श्रद्धालुओं को अपने जीवन में गुरु का होना नितांत आवश्यक बताते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है। गुरु हमें ज्ञान का रास्ता बताते हैं। तभी हम उस ईश्वर के प्रति आसानी से पहुंच सकते हैं। इस मौके पर गनेशीलाल, सरस्वती देवी, ओमवती, भाग्यश्री, नीलम देवी, प्रियंका, कुसुम देवी, आरती देवी, रिंकू, सत्यप्रकाश, रामकिशोर, जमुनाप्रसाद आदि तमाम श्रद्धालु लोग मौजूद रहे।
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