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मुसलमानों के मसाइल को लेकर गरजीं मुस्लिम तंजीमें
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:42 AM IST
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रामपुर में बुधवार को जलसे को संबोधित करते वक्ता।
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सीरिया, म्यांमार और मुल्क के मुसलमानों के मसाइल को लेकर तमाम तंजीमें एक साथ जुटीं। उलमा ने सीरिया और म्यांमार में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म से रूबरू कराया। मुल्क के मुसलमानों के भी मसाइल उठाए। मुसलमानों से मुत्तहिद होने की अपील की। बाद में डीएम के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। सीरिया और म्यांमार में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की।
शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली की कयादत में तमाम मुस्लिम तंजीमें और उनसे जुड़े लोग ईदगाह गेट पर एकत्र हुए। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक मुस्लिम समाज के लोगों को कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर डीएम के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजना था। लेकिन, बाद में कार्यक्रम बदल दिया गया। ईदगाह गेट पर जलसा किया। उसमें उलमा और दानिश्वरों ने सीरिया और म्यांमार में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म से रूबरू कराया। इसके लिए दोनों मुल्कों की सरकारों को दोषी ठहराया। बैनर और वीडियो के जरिए भी दोनों मुल्कों के बदतर हालातों की जानकारी दी।
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देश के अंदर बढ़ रही मस्लिम विरोधी हिंसा से भी रूबरू कराया। उलमा कहना था कि देश में भी बेगुनाह मुसलमानों को आतंकवादी बताकर फर्जी मुठभेड़ में मार दिया जाता है। इसके बाद उलमा ने ज्ञापन लेने के लिए डीएम को बुलाने की बात कही। लेकिन, डीएम नहीं पहुंचे। ज्ञापन लेने नायब तहसीलदार को भेज दिया। नायब तहसीलदार की आने की बात सुनकर उलमा का पारा चढ़ गया। उन्हें एलान किया कि अगर डीएम या और कोई उच्चाधिकारी नहीं आया तो वह पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचेंगे।
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यह सुनकर एसडीएम सदर ज्ञापन लेने पहुंचे। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में सीरिया, म्यांमार के मुसलमानों पर हो जुल्म से रूबरू कराते हुए भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। इस मौके पर शाह फरहत अहमद जमाली, मुफ्ती मकसूद, मुफ्ती साजिद खां, मौलाना अंसार, मौलाना असलम जावेद कासमी, नोमान गाजी, शाहिद खां भी थे।