{"_id":"69d56fd3204ccee8c405ab24","slug":"mp-mohibullah-visits-home-of-shaved-who-lost-his-life-in-russia-rampur-news-c-282-1-rmp1027-168191-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: रूस में जान गंवाने वाले शावेद के घर पहुंचे सांसद मोहिबुल्लाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: रूस में जान गंवाने वाले शावेद के घर पहुंचे सांसद मोहिबुल्लाह
Wed, 08 Apr 2026 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:27 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। रूस में जान गंवाने वाले मसवासी के फतेहगंज निवासी युवक शावेद के परिजनों से मिलने सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी उनके पैतृक गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि शावेद की मौत बेहद दुखद है और पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने विदेशों में रोजगार के नाम पर युवाओं को भेजे जाने के मामलों की गहन जांच कराने की मांग की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही।
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही भारत सरकार के माध्यम से रूस सरकार से भी परिजनों को सहायता दिलाने की बात कही।
विज्ञापन
परिजनों ने बताया कि शावेद स्टील फर्नीचर के काम के लिए रूस गया था, जहां कथित रूप से उसे जबरन सेना में भर्ती कर लिया गया। बाद में संघर्ष के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि शावेद की मौत बेहद दुखद है और पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने विदेशों में रोजगार के नाम पर युवाओं को भेजे जाने के मामलों की गहन जांच कराने की मांग की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही।
विज्ञापन
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही भारत सरकार के माध्यम से रूस सरकार से भी परिजनों को सहायता दिलाने की बात कही।
विज्ञापन
परिजनों ने बताया कि शावेद स्टील फर्नीचर के काम के लिए रूस गया था, जहां कथित रूप से उसे जबरन सेना में भर्ती कर लिया गया। बाद में संघर्ष के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।