{"_id":"5b8c2c9742c792464d1bc48e","slug":"more-than-12-villages-are-in-flood-of-rampur","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोसी उफान पर, दर्जन भर गांव फिर पानी से घिरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोसी उफान पर, दर्जन भर गांव फिर पानी से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
रामपुर में रविवार को बारिश से हुआ जलभराव और गुजरते वाहन। -अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड के रामनगर बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। लालपुर बीयर पर इस वक्त 27 हजार क्यूसेक पानी पास किया जा रहा है,जिससे नदी का जल स्तर फिर बढ़ गया और नदी फिर उफान पर आ गई ।
पानी से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों को पशुओं का चारा लाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा । राजस्व टीम ने कोसी नदी के बांध पर पहुंच कर जल स्तर का जायजा लिया और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सचेत रहने के निर्देश दिए।
कोसी नदी पिछले कई दिन से शांत चल रही थी,लेकिन उत्तराखंड में जोरदार बारिश हो रही है,जिसके चलते एक बार फिर कोसी नदी में हलचल तेज हो गई है, जिससे नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है । शुक्रवार की रात्रि रामनगर बैराज से कोसी नदी में 26984 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था,जबकि शनिवार की शाम को भी पांच हजार पानी छोड़ा गया,लेकिन लालपुर बीयर से इस वक्त 27 हजार क्यूसेक पानी पास हो रहा है। वैसे कोसी नदी के खतरे का निशान 197.83 मीटर है। लेकिन अभी तक नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है ।
विज्ञापन
अनुमान है कि ऐसे ही लगातार मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बारिश होती रही और रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया तो नदी कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है। स्वार क्षेत्र के पसियापुरा गांव में चारो ओर से पानी पहुंच गया जिसके बाद से यहां के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
कोसी नदी से सटे गांव फाजलपुर, बन्दरपुर, धनोरी, मधुपुरी, धनपुर, शाहदरा, सोनकपुर, रसूलपुर फरीदपुर आदि गांव के ग्रामीणों को अपने खेतों व पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डाल कर उफनाई कोसी के पार जाना पड़ रहा है। कोसी नदी के अलावा पीलाखार नदी में भी हलचल बड़ी है। इस वक्त पीलाखार नदी भी जलस्तर बढ़ने से उफान पर है । हालांकि कोसी नदी में आए पानी से अभी तक बाढ़ का कोई खतरा नही है ।
प्रशासन बाढ़ को लेकर एकदम सजग है। सदर क्षेत्र का भैया नगला, बीसरा व अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी घिर आया है,जिसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। एडीएम राम भरत तिवारी के मुताबिक जिले में स्थिति अभी सामान्य है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। सभी अफसरों को सर्त किया गया है।
पानी से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों को पशुओं का चारा लाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा । राजस्व टीम ने कोसी नदी के बांध पर पहुंच कर जल स्तर का जायजा लिया और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सचेत रहने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
कोसी नदी पिछले कई दिन से शांत चल रही थी,लेकिन उत्तराखंड में जोरदार बारिश हो रही है,जिसके चलते एक बार फिर कोसी नदी में हलचल तेज हो गई है, जिससे नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है । शुक्रवार की रात्रि रामनगर बैराज से कोसी नदी में 26984 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था,जबकि शनिवार की शाम को भी पांच हजार पानी छोड़ा गया,लेकिन लालपुर बीयर से इस वक्त 27 हजार क्यूसेक पानी पास हो रहा है। वैसे कोसी नदी के खतरे का निशान 197.83 मीटर है। लेकिन अभी तक नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है ।
विज्ञापन
अनुमान है कि ऐसे ही लगातार मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बारिश होती रही और रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया तो नदी कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है। स्वार क्षेत्र के पसियापुरा गांव में चारो ओर से पानी पहुंच गया जिसके बाद से यहां के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
कोसी नदी से सटे गांव फाजलपुर, बन्दरपुर, धनोरी, मधुपुरी, धनपुर, शाहदरा, सोनकपुर, रसूलपुर फरीदपुर आदि गांव के ग्रामीणों को अपने खेतों व पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डाल कर उफनाई कोसी के पार जाना पड़ रहा है। कोसी नदी के अलावा पीलाखार नदी में भी हलचल बड़ी है। इस वक्त पीलाखार नदी भी जलस्तर बढ़ने से उफान पर है । हालांकि कोसी नदी में आए पानी से अभी तक बाढ़ का कोई खतरा नही है ।
प्रशासन बाढ़ को लेकर एकदम सजग है। सदर क्षेत्र का भैया नगला, बीसरा व अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी घिर आया है,जिसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। एडीएम राम भरत तिवारी के मुताबिक जिले में स्थिति अभी सामान्य है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। सभी अफसरों को सर्त किया गया है।