फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Mining business running through a strong network

Rampur News: मजबूत नेटवर्क के जरिये चल रहा खनन का धंधा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
Mining business running through a strong network
टांडा। अवैध खनन का धंधा पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से चल रहा है। फील्डर रेकी करते हैं और वाहन चालक उन्हीं के बताए रास्तों से डंपर ले जाते हैं। पुलिस ने हाल ही में अधिकारियों की लोकेशन साझा करने में अमरोहा निवासी अदीब को गिरफ्तार कर भले ही एक कड़ी तोड़ी हो, लेकिन खनन माफिया अब भी सक्रिय हैं।
विज्ञापन

बीती तीस नवंबर को लालपुर-सैदनगर रोड पर खनन व परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान खुलासा हुआ कि कार व बाइक सवार फील्डर अधिकारियों और सचल दल की लाइव लोकेशन ट्रक चालकों को भेज रहे थे। इसी सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर स्विफ्ट कार सवार अमरोहा निवासी अदीब को पकड़ा। मोबाइल की जांच में सामने आया कि वह कई व्हाट्सएप ग्रुपों में अधिकारियों की रेकी कर लोकेशन भेजता था।
विज्ञापन

खनन अधिकारी अमित रंजन की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। हालांकि यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी ऐसे ही फील्डरों द्वारा एआरटीओ की गाड़ी को टक्कर मारने, चेकिंग के दौरान अधिकारियों पर हमला करने और वाहन छुड़ाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

16 फरवरी को ओवरलोड डंपर पकड़ने के प्रयास में एआरटीओ की गाड़ी को जानबूझकर साइड न देने और टक्कर मारने का मामला हो या पटवाई क्षेत्र में परिवहन विभाग के अधिकारी पर हमला, ये घटनाएं बताती हैं कि खनन माफिया बेखौफ हैं। रात ढलते ही दढ़ियाल, अकबराबाद, जमालगंज, सूरजपुर और रामपुर धम्मन के क्रशर व खनन अड्डों से ओवरलोड वाहन सड़कों पर उतर आते हैं।
फील्डर रास्तों पर तैनात रहते हैं। जैसे ही सचल दल दिखता है, लोकेशन आगे भेज दी जाती है और वाहन दूसरा रास्ता पकड़ लेते हैं। नो-एंट्री के समय भी नगर क्षेत्र से होकर इन वाहनों की आवाजाही आम बात हो चुकी है। इससे जाम, दुर्घटनाएं और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

कागजों में कार्रवाई तेज है, पर जमीनी हकीकत इसके उलट दिखती है। प्रशासन ने स्टोन क्रशर संचालकों से सुबह सात से रात आठ बजे तक भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की सहमति तो बनाई, लेकिन उस पर अमल कुछ ही दिनों में ढीला पड़ गया। नतीजतन, शहर और ग्रामीण इलाकों में खनन से भरे वाहन बेधड़क दौड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed