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रामपुर: अब दोबारा जाएगी अब्दुल्ला आजम की विधायकी
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रामपुर। सपा विधायक अब्दुल्ला आजम की विधायकी दूसरी जाएगी। पहली बार न्यूनतम आयु की शर्त के मामले में हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया था। अब मुरादाबाद की कोर्ट जब उनको दो साल की सजा सुना दी है तो दोबारा से उनकी विधायकी चली जाएगी।
अब्दुल्ला आजम ने 2017 में रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से सपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था और निर्वाचित हुए थे। अब्दुल्ला के निर्वाचन को उनके मुकाबले चुनाव लड़े बसपा के प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चुनौती दी थी। नवेद मियां ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था वो न्यूनतम आयु की सीमा को पूरा नहीं करते थे। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते दिसंबर 2019 में अब्दुल्ला की विधायकी रद्द कर दी थी । अब्दुल्ला ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बहाल रखा है। हालांकि अब्दुल्ला की विधायकी जाने के बाद भी मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से इस सीट पर उप चुनाव नहीं हो पाया था।
अब्दुल्ला आजम ने 2022 के विधानसभा का चुनाव फिर से स्वार सीट से सपा की टिकट लड़ा और जीते। अभी उनको दोबारा से चुनाव जीते हुए एक साल भी नहीं हुए हैं। सोमवार को छजलैट प्रकरण के 15 साल पुराने मुकदमे में कोर्ट ने आजम खां के साथ-साथ अब्दुल्ला आजम को दो साल की सजा सुना दी थी। इससे उनकी विधायकी
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अब्दुल्ला आजम ने 2017 में रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से सपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था और निर्वाचित हुए थे। अब्दुल्ला के निर्वाचन को उनके मुकाबले चुनाव लड़े बसपा के प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चुनौती दी थी। नवेद मियां ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था वो न्यूनतम आयु की सीमा को पूरा नहीं करते थे। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते दिसंबर 2019 में अब्दुल्ला की विधायकी रद्द कर दी थी । अब्दुल्ला ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बहाल रखा है। हालांकि अब्दुल्ला की विधायकी जाने के बाद भी मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से इस सीट पर उप चुनाव नहीं हो पाया था।
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अब्दुल्ला आजम ने 2022 के विधानसभा का चुनाव फिर से स्वार सीट से सपा की टिकट लड़ा और जीते। अभी उनको दोबारा से चुनाव जीते हुए एक साल भी नहीं हुए हैं। सोमवार को छजलैट प्रकरण के 15 साल पुराने मुकदमे में कोर्ट ने आजम खां के साथ-साथ अब्दुल्ला आजम को दो साल की सजा सुना दी थी। इससे उनकी विधायकी
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