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जिपं अध्यक्ष पर भड़का जेई, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:41 AM IST
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सिंचाई बंधु की बैठक में अधिकारियों के तेवर बदले-बदले दिखाई दिए। जैसे ही किसानों ने समस्याएं उठाईं अधिकारियों ने बहस शुरू कर दी। मामला गरमाने पर किसानों पर कुछ अधिकारियों ने आस्तीनें चढ़ा लीं। नहरों के कुलाबों के मुद्दे पर रामगंगा कमांड के जेई जिला पंचायत अध्यक्ष पर भड़क गए वह शोर मचाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए। इसके विरोध में किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसान डीएम से मिले और मामले से अवगत कराया। डीएम ने कमेटी बनाकर जांच बैठा दी है।
सत्ता परिवर्तन के बाद सिचाई बंधु की बुधवार को पहली बैठक थी। जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह ने जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दी, किसान समस्याएं उठाने लगे। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद, विनोद यादव, उस्मान अली पाशा समेत किसानों ने नहरों की सफाई में धांधली, बंद नलकूप और नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने का मुद्दा उठाया। इन मुद्दों पर बहस शुरू हो गई। अधिकारी किसानों को उल्टे सीधे जवाब देने लगे। मामला गरमाने लगा तो कुछ अधिकारियों ने किसानों पर आस्तीनें चढ़ा लीं। यह देखकर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया और बैठक से जाने लगे। लेकिन, जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह और सिंचाई विभाग के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह यादव ने किसानों को किसी तरह मनाकर बैठा दिया।
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इसके बाद किसानों ने रामगंगा कमांड के कुलाबों का मुद्दा उठाया। किसान कहने लगे कि रामगंगा कमांड की योजनाओं में धांधली बरती गई है। अधिकतर कुलाबे कागजों में बना दिए। इतना कहने पर रामगंगा कमांड का जेई खड़े हो गए और तेज आवाज में बोलने लगे। जिला पंचायत अध्यक्ष भी कहने लगे कि कहीं भी कुलाबे नहीं बनाए गए हैं। यह सुनकर जेई ने आपा खो दिया और जिला पंचायत अध्यक्ष पर ही भड़क गए। जेई अध्यक्ष के आसन तक पहुंचकर शोर मचाने लगे। अधिकारियों के रवैये से क्षुब्ध किसान बैठक से उठकर चले गए और जिला पंचायत में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामा होता देखकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी।
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