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विनम्रता से ही विद्या और ज्ञान की प्राप्ति 

Thu, 08 Sep 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो /रामपुर Updated Thu, 08 Sep 2016 01:00 AM IST
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meek and humble person can get knowledge
सिविल लाइंस जैन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्वाल

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नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन और श्री आदिनाथ दिगबंर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव के रूप में मनाया गया। इसमें मनुष्य को मृदुभावी होने के लिए प्रेरित किया गया। 

फूटा महल स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रात:काल श्री जी का प्रक्षाल और पूजन किया गया। सर्वप्रथम जिन प्रतिमाओं का अभिषेक मंत्रोच्चार से किया गया। इसके बाद रितेश जैन खंडेलवाल ने शांतिधारा की। इसके बाद दसलक्षण पूजा के साथ देव शास्त्र गुरु, पंचमेरू पूजा व चौबीस भगवान एवं सोलह कारण की पूजा की गई। तत्वार्थ सूत्र वाचन में मैनपुरी से आए पंडित डा. सुशील जैन शास्त्री द्वारा उत्तम मार्दव धर्म की व्याख्या की।
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 उन्होंने कहा कि मार्दव का अर्थ है मृदुभाव या कोमलता, जिसका जीवन मृदु है उसी के जीवन में धर्म का बीज रोपण संभव है। मृदुता लाने के लिए विनय आवश्यक है। क्योंकि विद्या व ज्ञान की प्राप्ति भी विनय के बिना नहीं होती। शाम को सामूहिक आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिनेश जैन खंडेलवाल, कस्तूर चंद जैन,  डा. प्रदीप कुमार जैन, अजय जैन सेठी, विशाल जैन, प्रमोद कुमार जैन, नकुल जैन, भारत भूषण जैन, नवीन जैन, सिद्धांत जैन, डा. जेके जैन, रूकमणि जैन, दिशा जैन, प्रियंका जैन, सोनिया जैन, प्रिया जैन, चंद्रकला जैन, नीलम जैन, वर्षा जैन, अर्चना जैन आदि उपस्थित रहे। 
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सिविल लाइंस स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी पर्यूषण पर्व में बुधवार को उत्तम मार्दव दिवस मनाया गया। जिसमें प्रात: काल में डा. ज्ञानेंद्र जैन व सुधा जैन द्वारा शांतिधारा,अभिषेक व पूजन कराया गया। प्रक्षाल व पूजन के साथ संगीतमय आरती हुई। मथुरा चौरासी से आए कपिल शास्त्री ने उत्तम मार्दव धर्म को  विस्तार से समझाया। 


उन्होंने कहा कि क्रोध, मोह, मान व माया को दूर कर मनुष्य को मृदु भाव यानि कोमलता और विनम्रता को अंगीकार करना चाहिए। जो भी तप, ज्ञान, आयु व चरित्र में हमसे बड़ा हो  उसकी  विनय आवश्यक है। शास्त्री जी ने हर मनुष्य को दूसरों का सम्मान करने और अपने नेक व धार्मिक कर्मों का अभिमान न करने के लिए प्रेरित किया।  इस  अवसर पर रमेश  सेठी, धर्मेंद्र सेठी, सुनील कुमार जैन,  डा. ज्ञानेंद्र जैन,   संजय खंडेलवाल,  विजय दिवाकर, दिनेश जैन सेठी,  पुलकित,  समीर जैन, सर्वेश  जैन,  सीमा खंडेलवाल, शीनू जैन, पूनम जैन, सरोज जैन, शुभ्रा जैन, शोभना जैन  आदि उपस्थित रहे।
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