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Rampur News: गुरु तेगबहादुर जी का शहीदी दिवस मनाया
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बिलासपुर(मुरादाबाद)। शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा नवाबगंज में रविवार को धार्मिक समागम के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी समागम मनाया गया। विभिन्न जत्थों ने सबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।
रविवार की सुबह करीब पांच बजे गुरुद्वारे के दीवान हाल में मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर की मौजूदगी में गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने आसा दी वार का कीर्तन किया। दो दिन पूर्व रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। अरदास के बाद प्रसाद वितरित हुआ। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे दीवान हाल में श्री गुरु महाराज का प्रकाश किया गया। अरदास के बाद स्टेज पर श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी समागम शुरू हुआ। भाई परमजीत सिंह मनुनगर के जत्थे ने सबद कीर्तन कर श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद किलाखेड़ा से आए भाई कुलदीप सिंह के जत्थे ने भी सबद कीर्तनकार संगत को शहीदों का इतिहास सुनाकर निहाल किया। बाद में ज्ञानी जसपाल सिंह व मनदीप सिंह ने चौपेरा साहिब का पाठ किया। शाम करीब चार बजे अरदास के बाद दीवान के समापन की घोषणा की गई।
समागम में पहुंची संगत ने श्री गुरु महाराज जी की सुसज्जित पालकी के समक्ष व शहीद बाबा दीप सिंह जी की समाधि के समक्ष माथा टेकर आशीर्वाद लिया। गुरु का अटूट लंगर पूरे दिन बरताया गया। शाम को भाई परमजीत सिंह ने आरती कराई और प्रसाद का वितरण हुआ।
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गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक सामग्री के स्टाल भी लगाए गए, जहां संगत ने जमकर धार्मिक सामग्री खरीदी। सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि धार्मिक समागम शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ है। व्यवस्था में मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर, सतेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, गुरपिंदर सिंह औलख, दलजीत सिंह, शमशेर सिंह आदि मुख्य थे।
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रविवार की सुबह करीब पांच बजे गुरुद्वारे के दीवान हाल में मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर की मौजूदगी में गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने आसा दी वार का कीर्तन किया। दो दिन पूर्व रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। अरदास के बाद प्रसाद वितरित हुआ। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे दीवान हाल में श्री गुरु महाराज का प्रकाश किया गया। अरदास के बाद स्टेज पर श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी समागम शुरू हुआ। भाई परमजीत सिंह मनुनगर के जत्थे ने सबद कीर्तन कर श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद किलाखेड़ा से आए भाई कुलदीप सिंह के जत्थे ने भी सबद कीर्तनकार संगत को शहीदों का इतिहास सुनाकर निहाल किया। बाद में ज्ञानी जसपाल सिंह व मनदीप सिंह ने चौपेरा साहिब का पाठ किया। शाम करीब चार बजे अरदास के बाद दीवान के समापन की घोषणा की गई।
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समागम में पहुंची संगत ने श्री गुरु महाराज जी की सुसज्जित पालकी के समक्ष व शहीद बाबा दीप सिंह जी की समाधि के समक्ष माथा टेकर आशीर्वाद लिया। गुरु का अटूट लंगर पूरे दिन बरताया गया। शाम को भाई परमजीत सिंह ने आरती कराई और प्रसाद का वितरण हुआ।
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गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक सामग्री के स्टाल भी लगाए गए, जहां संगत ने जमकर धार्मिक सामग्री खरीदी। सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि धार्मिक समागम शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ है। व्यवस्था में मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर, सतेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, गुरपिंदर सिंह औलख, दलजीत सिंह, शमशेर सिंह आदि मुख्य थे।