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पूरे शहर में खुले और सड़क से ऊंचे-नीचे मैनहोल को कराया जाएगा चिन्हित
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रामपुर। शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए डाली गई सीवर लाइन लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन रही है। मैनहोल कहीं सड़क के लेबल से ऊंचे हैं तो कहीं मैनहोल सड़क के लेबल से नीचे पहुंच गए हैं। ऐसे में अब यही मैनहोल हादसों का कारण बन गए हैं। हालांकि अमर उजाला में रविवार को इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद जल निगम ने ऐसे मैनहोल को चिह्नित कर सही कराने की बात कही है।
सपा सरकार में सीवर लाइन के प्रोजेक्ट पर काम हुआ था। शहर के दो जोनों में सीवर लाइन डाली गई थी, जिसके बाद उम्मीद थी कि लोगों को अब गंदगी से निजात मिल जाएगी। किन्तु, सौ करोड़ रुपये का सीवर प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा की जगह मुसीबत बन गया। दरअसल, शहर में सीवर लाइन धंसने के अक्सर मामले सामने आते रहते हैं। कभी जिला अस्पताल के पास, तो कभी पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन धंस जाती है। इससे सड़कें तो खराब हो ही रही हैं, वहीं मैनहोल तक सही से नहीं बनाए गए हैं। कहीं सड़क से ऊपर तक मैनहोल बना दिए हैं, तो कहीं मैनहोल सड़क से नीचे रह गए हैं। ऐसे में अब यही मैनहोल हादसों का कारण बने हुए हैं। हालांकि, पिछले साल सितंबर माह में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने पूरे सीवर प्रोजेक्ट की जांच के लिए तकनीकी टीम का गठन किया था, लेकिन यह जांच अधर में ही लटकी हुई है। हालांकि, अब जल निगम के अफसर इन मैनहोल को ठीक करने के लिए प्लान बना रहे हैं।
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सपा सरकार में सीवर लाइन के प्रोजेक्ट पर काम हुआ था। शहर के दो जोनों में सीवर लाइन डाली गई थी, जिसके बाद उम्मीद थी कि लोगों को अब गंदगी से निजात मिल जाएगी। किन्तु, सौ करोड़ रुपये का सीवर प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा की जगह मुसीबत बन गया। दरअसल, शहर में सीवर लाइन धंसने के अक्सर मामले सामने आते रहते हैं। कभी जिला अस्पताल के पास, तो कभी पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन धंस जाती है। इससे सड़कें तो खराब हो ही रही हैं, वहीं मैनहोल तक सही से नहीं बनाए गए हैं। कहीं सड़क से ऊपर तक मैनहोल बना दिए हैं, तो कहीं मैनहोल सड़क से नीचे रह गए हैं। ऐसे में अब यही मैनहोल हादसों का कारण बने हुए हैं। हालांकि, पिछले साल सितंबर माह में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने पूरे सीवर प्रोजेक्ट की जांच के लिए तकनीकी टीम का गठन किया था, लेकिन यह जांच अधर में ही लटकी हुई है। हालांकि, अब जल निगम के अफसर इन मैनहोल को ठीक करने के लिए प्लान बना रहे हैं।
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