हर सवाल का एक जवाब: बोतल में सांप को कैद कर अस्पताल पहुंचा बुजुर्ग, टेबल पर रखा तो इमरजेंसी में मची खलबली
बख्तर ने बताया कि सांप काटने के बाद डॉक्टर अक्सर पूछते हैं कि कौन सा सांप था, लंबा था कि छोटा था, मुंह कैसा था, उसके मुंह पर कैसे निशान थे आदि कई तरह के सवाल पूछते हैं, इसी वजह से वह सांप को पहचान के लिए साथ ले आए थे।
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सांप के काटने पर आमतौर पर लोग घबरा जाते हैं और सीधे अस्पताल भागते हैं, लेकिन यूपी के रामपुर स्थित पटवाई के बहपुरा गांव निवासी 60 वर्षीय बख्तर सांप को ही पकड़कर जिला अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार को घर पर काम करते समय सांप ने उन्हें काट लिया था। उन्होंने सांप को पकड़कर बोतल में बंद किया और उसे साथ लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंच गए।
इमरजेंसी में सांप को देखकर घबरा गए सब
बख्तर ने बोतल चिकित्सकों के सामने रखी तो उसमें सांप देखकर इमरजेंसी में मौजूद मरीज और तीमारदार घबरा गए। चिकित्सकों ने सांप को देखने के बाद बख्तर को एंटीवेनम इंजेक्शन लगाया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है। बख्तर के हाथ में सांप काट लिया था, जिसका उपचार कराने अस्पताल पहुंचे थे।
डॉक्टरों के सवालों का जवाब देने के लिए पकड़ा सांप
बख्तर ने बताया कि सांप काटने के बाद डॉक्टर अक्सर पूछते हैं कि कौन सा सांप था, लंबा था कि छोटा था, मुंह कैसा था, उसके मुंह पर कैसे निशान थे आदि कई तरह के सवाल पूछते हैं, इसी वजह से वह सांप को पहचान के लिए साथ ले आए थे। बख्तर को सांप ने हाथ में काट लिया था। इस सांप को बाद में जंगल में छुड़वा दिया गया है।
अस्पताल में 21 मरीज सांप काटने के
जिला अस्पताल में इस माह अब तक सांप के काटने के 21 मरीज पहुंच चुके हैं। सभी को एंटीवेनम इंजेक्शन देकर उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकी। अस्पताल में सांप काटने के मरीजों के लिए एंटीवेनम उपलब्ध है।
डॉक्टर क्या बोले?
बख्तर को सांप ने काटा था। वह सांप को बोतल में बंद करके अस्पताल ले आए। सांप की पहचान के बाद उन्हें एंटीवेनम इंजेक्शन दिया गया। उनकी हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर हैं। लोगों को सांप को पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा सांप काटने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए। - डॉ. प्रेम सिंह, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, जिला अस्पताल