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Rampur News: ईंट भट्ठे के गड्ढे में डूबे पांच बच्चों के मामले में बड़ा फैसला, पीड़ित परिवार को 16-16 लाख रुपये मिलेंगे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:28 AM IST
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Major decision in the case of five children who drowned in a brick kiln pit
शाहबाद। करीब साढ़े तीन साल पहले हुए दर्दनाक हादसे में ईंट भट्ठे के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबकर पांच बच्चों की मौत के मामले में अब पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने मामले में सुनवाई करते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को 16-16 लाख रुपये दिलाने के आदेश डीएम को दिए हैं। यह रकम दो माह के भीतर दोषी ईंट भट्ठा संचालक से दिलाने को कहा गया है।
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गौरतलब है कि 19 जुलाई 2023 को ढकिया चौकी क्षेत्र के गहनी गांव के पास ईंट भट्ठे के लिए लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा पहले से ही खोदा हुआ था, जिसमें बारिश के चलते पानी भर गया था। उसी दिन पास के गद्मार पट्टी टीका सिंह गांव के सात बच्चे बकरियां चराने पहुंचे थे। भीषण गर्मी के कारण गांव के ही कादिर की बेटी अलीना उर्फ अलशिफा (10), शकील का बेटा आकिल (14), नियाज अली की बेटी गुलशन (11), मोहन सिंह की बेटी चंचल (11), इसरार की बेटी सना (10), पप्पू का बेटा आदिल और भागीरथ का बेटा राम सिंह सभी बकरी चराने के लिए आए थे। इस दौरान यह सभी नहाने के लिए गड्ढे में उतर गए, लेकिन पानी अधिक गहरा होने के कारण पांचों बच्चे डूब गए। हादसे के दौरान साथ मौजूद आदिल और राम सिंह ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालकर सीएचसी शाहबाद पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। घटना के बाद ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। तत्कालीन सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार को आपदा राहत से चार-चार लाख रुपये भी दिए गए थे। बाद में मृतकों के परिजन कादिर और इसरार ने दिल्ली के अधिवक्ता शाहीन के संपर्क म पहुंचे और उनके माध्यम से एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि गड्ढे की गहराई निर्धारित मानकों से अधिक थी और वहां किसी प्रकार के सांकेतिक बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी आधार पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रत्येक परिवार को 16-16 लाख रुपये मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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घटना के बाद कदीर और इसरार मेरे संपर्क में आए। कादिर और इसरार दोनों फरीदाबाद में काम करते हैं। जब यह मेरे संपर्क में आए तो उनसे सारे दस्तावेज लिए। उसके बाद केस लड़ना शुरू कर दिया। एनजीटी कोर्ट ने माना कि गड्ढे की गहराई अधिक थी और सांकेतिक बोर्ड भी नहीं लगा था। दोषी करार देते हुए फैसला पीड़ित परिवार के पक्ष में पहुंचा है। प्रिंसिपल बैंच ने 20-20 लाख रुपये देने का आदेश डीएम को दिया है, लेकिन चार-चार लाख रुपये पहले ही दे दिए गए हैं। इसलिए अब 16-16 लख रुपये दो महीने के अंदर देने का आदेश डीएम को दिए है।
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शाहीन, अधिवक्ता दिल्ली
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