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Rampur News: मंसूरपुर में करंट से मजदूर की मौत
Thu, 29 Aug 2024 05:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 29 Aug 2024 05:54 AM IST
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बिलासपुर/खजुरिया (रामपुर)। करंट की चपेट में आने से ग्राम मंसूरपुर निवासी मजदूर रमेश कुमार राजपूत (55) की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया है।
खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव मंसूरपुर निवासी रमेश कुमार राजपूत मजदूरी करते थे। परिजनों के अनुसार रमेश राजपूत मंगलवार की रात करीब 11 बजे अपने घर में चारपाई पर सो रहे थे। इस दौरान उनकी चारपाई के पास रखा बिजली का पंखा बंद हो गया। पंखा बंद होने पर वह पंखे को ठीक करने के लिए उठे तो उनका पैर अचानक बिजली के नंगे तार पर पड़ गया। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। उनकी चीख पुकार सुनकर पत्नी रीना भी उठ गईं। रीना ने पति को करंट की चपेट में देख शोर मचा दिया। इस बीच परिवार के लोग जग गए। मोहल्ले के आसपास के लोग भी शोर सुनकर मौके पर पहुंच गए। मजदूर को किसी तरह बिजली के तार से मुक्त कराया। बाद में लोगों ने उन्हें रेत के ढेर में उपचार हेतु दबा दिया। काफी देर बाद सुधार न होने पर देर रात परिवार के लोग उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आने लगे, मगर उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के लोग रमेश के शव को अपने गांव ले गए। बुधवार की दोपहर उनका बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के दो पुत्र व दो पुत्रियां बताईं गईं हैं।
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खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव मंसूरपुर निवासी रमेश कुमार राजपूत मजदूरी करते थे। परिजनों के अनुसार रमेश राजपूत मंगलवार की रात करीब 11 बजे अपने घर में चारपाई पर सो रहे थे। इस दौरान उनकी चारपाई के पास रखा बिजली का पंखा बंद हो गया। पंखा बंद होने पर वह पंखे को ठीक करने के लिए उठे तो उनका पैर अचानक बिजली के नंगे तार पर पड़ गया। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। उनकी चीख पुकार सुनकर पत्नी रीना भी उठ गईं। रीना ने पति को करंट की चपेट में देख शोर मचा दिया। इस बीच परिवार के लोग जग गए। मोहल्ले के आसपास के लोग भी शोर सुनकर मौके पर पहुंच गए। मजदूर को किसी तरह बिजली के तार से मुक्त कराया। बाद में लोगों ने उन्हें रेत के ढेर में उपचार हेतु दबा दिया। काफी देर बाद सुधार न होने पर देर रात परिवार के लोग उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आने लगे, मगर उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के लोग रमेश के शव को अपने गांव ले गए। बुधवार की दोपहर उनका बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के दो पुत्र व दो पुत्रियां बताईं गईं हैं।
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