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कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, किसानों को सता रही फसलों की चिंता
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सैदनगर क्षेत्र के लालपुर में कोसी नदी का बढ़ा जलस्तर।फोटो-संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RAMPUR
सैदनगर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चार दिन से हो रही लगातार बारिश की वजह से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में नदी के किनारे के गांवों के लोगों को चिंता है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ गया, तो उनके खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अभी जो पानी है वह सिर्फ बारिश का ही है, जो आसपास के गांवों से बहकर नदी में आता है।
पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। हर रोज बारिश हो रही है। यही वजह है, जो हमेशा सूखी रहने वाली नदियों में भी पानी नजर आने लगा है। लालपुर स्थित कोसी नदी की बात की जाए तो दिनों इस नदी का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है। दरअसल, बीते रविवार को ही रामनगर बैराज से 13017 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अब यह पानी तो यहां से गुजर गया है, लेकिन बारिश की वजह से नदी जलस्तर और बढ़ गया है। हालांकि, नदी में खतरे का निशान 197.83 मीटर है, जबकि पानी का बहाव इससे काफी नीचे है। लेकिन, लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर, कोसी नदी के किनारे के गांवों के किसान, जिनके खेत भी नदी के किनारे से कुछ ही दूरी पर हैं। इन किसानों की चिंता यह है कि यदि इसी तरह से बारिश होती रही तो नदी का जलस्तर और बढ़ने से खेतों में पानी आ सकता है, जिससे उनकी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। सैदनगर क्षेत्र के बजावाला, इमरता, खेमपुर, बिजपुरी, ईश्वरपुर, लंबापुरी, लालपुर, शौकतनगर, आलियागंज, अहमदाबाद, नबी गंज, फेजगंज, प्रानपुर, बैंजना, रवन्ना, सींगनखेड़ा आदि, जबकि, शाहबाद क्षेत्र के बीसरा, बीसरी, मंढ़ोली, मथुरापुर, मदारपुर चंडका आदि, स्वार का फरीदपुर, रूस्तमनगर, मधुपुरी, सोनकपुरी, रसूलपुर आदि गांवों के जंगलों में पानी भर सकता है। यदि खेतों में पानी अधिक हो गया, तो किसानों की धान की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अभी तो हालात सही हैं।
रविवार को ही रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया था, जो यहां से निकल चुका है। अभी जलस्तर काफी कम है। खतरे के निशान से ही काफी नीचे पानी बह रहा है, लेकिन इसी तरह से बारिश होती रही या फिर बैराज से पानी छोड़ा जाता है तो जलस्तर जरूर बढ़ सकता है।
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- अशोक कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर
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पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। हर रोज बारिश हो रही है। यही वजह है, जो हमेशा सूखी रहने वाली नदियों में भी पानी नजर आने लगा है। लालपुर स्थित कोसी नदी की बात की जाए तो दिनों इस नदी का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है। दरअसल, बीते रविवार को ही रामनगर बैराज से 13017 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अब यह पानी तो यहां से गुजर गया है, लेकिन बारिश की वजह से नदी जलस्तर और बढ़ गया है। हालांकि, नदी में खतरे का निशान 197.83 मीटर है, जबकि पानी का बहाव इससे काफी नीचे है। लेकिन, लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर, कोसी नदी के किनारे के गांवों के किसान, जिनके खेत भी नदी के किनारे से कुछ ही दूरी पर हैं। इन किसानों की चिंता यह है कि यदि इसी तरह से बारिश होती रही तो नदी का जलस्तर और बढ़ने से खेतों में पानी आ सकता है, जिससे उनकी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। सैदनगर क्षेत्र के बजावाला, इमरता, खेमपुर, बिजपुरी, ईश्वरपुर, लंबापुरी, लालपुर, शौकतनगर, आलियागंज, अहमदाबाद, नबी गंज, फेजगंज, प्रानपुर, बैंजना, रवन्ना, सींगनखेड़ा आदि, जबकि, शाहबाद क्षेत्र के बीसरा, बीसरी, मंढ़ोली, मथुरापुर, मदारपुर चंडका आदि, स्वार का फरीदपुर, रूस्तमनगर, मधुपुरी, सोनकपुरी, रसूलपुर आदि गांवों के जंगलों में पानी भर सकता है। यदि खेतों में पानी अधिक हो गया, तो किसानों की धान की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अभी तो हालात सही हैं।
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रविवार को ही रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया था, जो यहां से निकल चुका है। अभी जलस्तर काफी कम है। खतरे के निशान से ही काफी नीचे पानी बह रहा है, लेकिन इसी तरह से बारिश होती रही या फिर बैराज से पानी छोड़ा जाता है तो जलस्तर जरूर बढ़ सकता है।
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- अशोक कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर