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40 लाख की फिरौती के लिए अगवा मासूम को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो बिलासपुर रामपुर
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:58 AM IST
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उत्तराखंड से अगवा किए गए हलवाई ठेकेदार के एलकेजी में पढ़ने वाले बेटे को परिवार के ही परिचित अपहणकर्ताओं ने 40 लाख की फिरौती न मिलने पर गला घोंटकर मार डाला और शव को कोतवाली क्षेत्र की एक नहर में फेंक दिया। गिरफ्तार किए गए चारों अपहर्ताओं की निशानदेही पर पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस की मदद से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम को भेजा है।
रुद्रपुर की आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी निवासी सुनील पाल शादी आदि कार्यक्रमों में खाना बनाने का ठेका लेने का काम करता है। सुनील का पांच साल का बेटा अंकित पाल मोहल्ले के ही श्री गुरुनानक स्कूल में एलकेजी ए में पढ़ता था। अंकित बुधवार की शाम स्कूल से आने के बाद अपने घर के पास ही एक पार्क में कुछ बच्चों के साथ खेल रहा था। वह अचानक वहां से कहीं गायब हो गया। अंकित की मां आनिमा पाल ने शाम को पुत्र के न मिलने की जानकारी अपने पति को दी तो उसने भी अपने तमाम लोगों के साथ बेटे की खोजबीन की। मगर उसका कहीं पता नहीं चल सका। उसने रुद्रपुर कोतवाली में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।
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शाम साढ़े सात बजे सुनील के फोन पर किसी ने फोन करके पुत्र को जिंदा लेने पर 40 लाख रुपये की फिरौती बिलासपुर चौराहे के पास पहुंचाने को कहा। फोन करने वाले ने पुलिस को सूचना देने व रुपये न देने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। ठेकेदार ने मामले की सारी जानकारी रुद्रपुर प्रभारी निरीक्षक एन एन पंत को दी तो पुलिस अलर्ट हो गई। रुद्रपुर जिले की कई थानों की पुलिस व एसओजी ने पूरी रात बच्चे की तलाश में संदिग्ध स्थानों पर दबिशें दीं, मगर बच्चा नहीं मिला और न ही कोई अपहरणकर्ता मिला। पुलिस ने माथा पच्ची के बाद सर्विलांस के जरिए चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में एक ने स्वयं को टिंकू श्रीवास्तव व दूसरे ने कृष्णा कोरी निवासी ग्राम हलदुआ थाना मिलक जिला रामपुर बताया। जबकि, उनके दो अन्य साथियों ने स्वयं को रुद्रपुर निवासी रामौतार व भूपराम बताया।
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पूछताछ में उन्होंने छात्र को गला घोंटकर मारने के बाद बिलासपुर में फाजलपुर रोड पर जाने वाली दायीं भाखड़ा नहर में फेंकने की बात कही। रुद्रपुर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से चारों अपहर्ताओं की मदद से छात्र के शव को नहर से गुरुवार की दोपहर बरामद कर लिया। बच्चे का शव देखकर सनसनी फैल गई। मृतक के पिता ने उसकी शिनाख्त की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। एएसपी देवेंद्र पीचा, उत्तराखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़, सुनील गाबा भी पहुंच गए। एएसपी ने बताया कि टिंकू व कृष्णा ठेकेदार सुनील के साथ बीते सात साल से काम करते थे। चार दिन पहले सुनील ने दस लोगों को काम से हटाया, जिसमें टिंकू व कृष्णा भी थे। वह दोनों उसके घर जाते थे, इसलिए अंकित उन्हें अच्छी तरह जानता था। आरोपियों को पता था कि सुनील मोटी ठेकेदारी करता है, लिहाजा वह उन्हें चालीस लाख रुपये दे देगा। मगर, बच्चे ने जब टिंकू व कृष्णा को पहचानते हुए नाम लिए तो सब डर गए और उसे मार डाला।