फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Khadar of Kosi river becomes favorite zone for leopards

Rampur News: कोसी नदी का खादर बना तेंदुओं के लिए पसंदीदा जोन

Wed, 04 Sep 2024 04:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Wed, 04 Sep 2024 04:27 AM IST
विज्ञापन
Khadar of Kosi river becomes favorite zone for leopards
रामपुर। रविवार और सोमवार लगातार दो दिन में जिले के अजीमनगर थाना क्षेत्र और स्वार के मसवासी क्षेत्र से दो तेंदुए वन विभाग की टीम ने पकड़े हैं। दोनों तेंदुए पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों काे कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सवाल यह भी है कि आखिरकार तेंदुए पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानी क्षत्रों का रुख क्यों कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड से आ रही कोसी नदी का खादर क्षेत्र तेंदुओं के लिए सेफ कॉरिडोर का काम कर रहा है।
विज्ञापन

डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्याें के चलते जंगल लगातार कट रहे हैं, ऐसे में शिकार की तलाश में तेंदुए भटक जाते हैं। जबकि कई बार शिकार की तलाश में भोजन तलाशते हुए तेंदुए कोसी नदी कोसी नदी के किनारे खादर क्षेत्र से रामपुर के जंगल पहुंच रहे हैं। खादर क्षेत्र के पास गन्नों के खेतों में छिपना सबसे आसान होता है। यहां आसानी से शिकार मिलने से दोनों तेंदुओं को जगह पसंद आई है, यहीं कारण है कि उन्होंने अपना ठिकाना यहीं बना लिया। उन्होंने बताया सैदनगर जौहर विवि के करीब जंगल और मसवासी क्षेत्र के जमना-जमनी गांव कोसी नदी के करीब के ही गांव हैं। जहां तेंदुए को छिपने में आसानी हुई और लगातार कुत्तों को शिकार किया। जबकि जंगली सुअर, सियार और अन्य जानवर भी उनका यहां आसानी से मिल रहे थे। यही कारण है जौहर विवि के पास तेंदुए को काफी समय हो गया था। वो दस से पंद्रह दिन बाहर शिकार पर जाता था, इसके बाद वापिस यहीं लौट आता था। डीएफओ ने बताया कि रामपुर जिले में बिलासपुर और स्वार क्षेत्र में वन्य क्षेत्र हैं, जहां कई हजार हेक्टेयर में वन्य क्षेत्र हैं। यहां चारों और गांव हैं और घनी आबादी है। ऐसे में तेंदुए का आना कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, लेकिन अगर तेंदुए की सूचना होती है तो तुरंत सुचना देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों से बचना चाहिए, जिससे समय से ऑपरेशन हो सके। बताया कि जिले में पिछले पांच साल में आठ तेंदुए ऑपरेशन के बाद पकड़े हैं वो सभी कोसी नदी के आसपास के गांव के जंगलों में ही पकड़े हैं।
विज्ञापन

जौहर विवि के पास और भी तेंदुए होने का शक
जौहर विवि के जंगलों में भले ही वन विभाग ने एक तेंदुआ पकड़ लिया हो, लेकिन चर्चा है कि वहां और भी तेंदुए हैं। लोगों ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ एक साल का था, जो बच्चा था। अधिकारियों ने उनसे बताया है कि यहां और भी तेंदुए हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहीं भी तेंदुए की सूचना हो तो वन विभाग को जानकारी दें, ऐसा हो तो ग्रुप में जाएं। दो-चार लोग साथ में रहें। जिससे कोई अनहोनी ना हो। वन विभाग के अधिकारी लोगों सुरक्षा के लिए तत्पर हैं और हमेशा रहेंगे। - राजीव कुमार, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed