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मेरा आयतन नही मेरा घनत्व देखिए, मेरे अंदर छुपा मूल तत्व देखिए-----
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रामपुर। सांस्कृतिक विकास मंच की ओर नव संवतसर पर हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को आधी रात तक बांधे रखा। कवि हास्य रस की रचना सुनकर श्रोता ठहाके लगाते रहे तो कभी वीर रस की कविताओं ने लोगों में जोश भर दिया श्रृंगार रस की कविताओं पर भी तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंज उठा।
शनिवार की देर रात हुए ज्वालानगर के राम मनोहर लोहिया पार्क में हुए सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों पैक्सपेड चेयरमैन सूर्यप्रकाश पाल, पूर्व राज्य मंत्री शिव बहादुर सक्सेना जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कवियत्री पद्मिनी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने काव्य पाठ प्रस्तुत करते हुए कहा....प्यारा मुझे बहुत था मगर छोड़ के आयी। हंसते हुए बचपन का नगर छोड़ के आयी। बस एक इल्तजा है मेरा दिल ना दुखाना। तेरे लिए मां-बाप का घर छोड़ के आयी। हास्य रस के कवि विनोदराज योगी ने कहा....आप मेरा आयतन नही मेरा घनत्व देखिए। मेरे अंदर छुपा मूल तत्व देखिए। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कविता नेता का निर्माण सुनाई। स्माइल मैन सर्वेश अस्थाना ने अपनी पंक्तियों में कहा....तुम मिलो कुछ बात हो जाये, घिरे बदल घने से और फिर बरसात हो जाये। मैं तुमको साथ लेकर कार से जब घूमने निकलूं के पंचर हों सभी टायर वहीं पर रात हो जाये। ओज और वीर रस के लवी अर्जुन सिसोदिया ने देशभक्ति की भावनाओं को जाग्रत करते हुए अपनी कविता सुनाई। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को बताता हूँ कि भगत सिंह क्या थे। शौर्य सिंधु का विराट ज्वार थे भगत सिंह। कवि हेमंत पांडे ने भी काव्य पाठ प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस दौरान रामेंद्र गुप्ता, भारत भूषण गुप्ता, मोहन लाल सैनी, अवधेश शर्मा, सभासद स्वेता शर्मा, अनुज सकसेना, शिखा सक्सेना, पूजा सक्सेना, अंजुम स्नेही, पारुल अग्रवाल, राजीव लोचन, सुरेंद्र यादव, शकुुंतला लोधी, विनीत श्रीवास्तव, उमेश पाल सिंह, देवेंद्र सिंह, राजेश लोधी, प्रमोद सागर, सोनिया सागर आदि मौजूद रहे।
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राधेश्याम
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शनिवार की देर रात हुए ज्वालानगर के राम मनोहर लोहिया पार्क में हुए सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों पैक्सपेड चेयरमैन सूर्यप्रकाश पाल, पूर्व राज्य मंत्री शिव बहादुर सक्सेना जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कवियत्री पद्मिनी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने काव्य पाठ प्रस्तुत करते हुए कहा....प्यारा मुझे बहुत था मगर छोड़ के आयी। हंसते हुए बचपन का नगर छोड़ के आयी। बस एक इल्तजा है मेरा दिल ना दुखाना। तेरे लिए मां-बाप का घर छोड़ के आयी। हास्य रस के कवि विनोदराज योगी ने कहा....आप मेरा आयतन नही मेरा घनत्व देखिए। मेरे अंदर छुपा मूल तत्व देखिए। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कविता नेता का निर्माण सुनाई। स्माइल मैन सर्वेश अस्थाना ने अपनी पंक्तियों में कहा....तुम मिलो कुछ बात हो जाये, घिरे बदल घने से और फिर बरसात हो जाये। मैं तुमको साथ लेकर कार से जब घूमने निकलूं के पंचर हों सभी टायर वहीं पर रात हो जाये। ओज और वीर रस के लवी अर्जुन सिसोदिया ने देशभक्ति की भावनाओं को जाग्रत करते हुए अपनी कविता सुनाई। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को बताता हूँ कि भगत सिंह क्या थे। शौर्य सिंधु का विराट ज्वार थे भगत सिंह। कवि हेमंत पांडे ने भी काव्य पाठ प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस दौरान रामेंद्र गुप्ता, भारत भूषण गुप्ता, मोहन लाल सैनी, अवधेश शर्मा, सभासद स्वेता शर्मा, अनुज सकसेना, शिखा सक्सेना, पूजा सक्सेना, अंजुम स्नेही, पारुल अग्रवाल, राजीव लोचन, सुरेंद्र यादव, शकुुंतला लोधी, विनीत श्रीवास्तव, उमेश पाल सिंह, देवेंद्र सिंह, राजेश लोधी, प्रमोद सागर, सोनिया सागर आदि मौजूद रहे।
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