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जिला पंचायत की टैक्स सूची से हटे प्राइवेट स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:57 PM IST
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टैक्स
- फोटो : Demo
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जिला पंचायत ने टैक्स की सूची से प्राइवेट स्कूलों को हटा दिया है। प्राइवेट स्कूलों से अब टैक्स की वसूली नहीं होगी। बैंक और मोबाइल कंपनियों के टावर से टैक्स वसूली के लिए शिकंजा कस दिया गया है। उन्हें टैक्स की अदायगी न करने पर फिर नोटिस जारी किया है। जिला पंचायत ने कुछ साल पहले आमदनी बढ़ाने के लिए कई और उपविधियों को टैक्स की सूची में शामिल किया था।
ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे प्राइवेट स्कूल, बैंक और मोबाइल कंपनियों को टावर भी शामिल कर लिया था। बैंक, मोबाइल कंपनियों और स्कूल संचालकों ने टैक्स का विरोध किया। आपत्तियां भी दायर की गईं। बोर्ड की बैठक में भी स्कूलों पर दोबारा विचार करने का सुझाव रखा गया। ऐसे में टैक्स की वसूली नहीं हो सकी। विरोध के बाद जिला पंचायत ने उपविधियों में संशोधन कर प्राइवेट स्कूलों को टैक्स के बाहर कर दिया।
अपर मुख्य अधिकारी ने 19 मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में ये मामला रखा। सदस्यों ने भी प्राइवेट स्कूलों को टैक्स से बाहर करने के फैसला को सही ठहराया। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि बैंक और मोबाइल कंपनियों के टावरों से टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए बैंक और मोबाइल फोन कंपनियों को नोटिस जारी किया है। टैक्स न देने वाले ईंट भट्ठों पर भी शिकंजा कसा गया है।
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ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे प्राइवेट स्कूल, बैंक और मोबाइल कंपनियों को टावर भी शामिल कर लिया था। बैंक, मोबाइल कंपनियों और स्कूल संचालकों ने टैक्स का विरोध किया। आपत्तियां भी दायर की गईं। बोर्ड की बैठक में भी स्कूलों पर दोबारा विचार करने का सुझाव रखा गया। ऐसे में टैक्स की वसूली नहीं हो सकी। विरोध के बाद जिला पंचायत ने उपविधियों में संशोधन कर प्राइवेट स्कूलों को टैक्स के बाहर कर दिया।
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अपर मुख्य अधिकारी ने 19 मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में ये मामला रखा। सदस्यों ने भी प्राइवेट स्कूलों को टैक्स से बाहर करने के फैसला को सही ठहराया। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि बैंक और मोबाइल कंपनियों के टावरों से टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए बैंक और मोबाइल फोन कंपनियों को नोटिस जारी किया है। टैक्स न देने वाले ईंट भट्ठों पर भी शिकंजा कसा गया है।
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