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जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन भी घोषित हो चुकी सरकारी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:41 PM IST
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jauhar university land dispute
रामपुर। आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी की लगभग 1400 बीघा जमीन भी सरकारी हो चुकी है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने जमीन खरीद की शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप में यूनिवर्सिटी की 1400 बीघा जमीन को सरकार के नाम पर दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद राजस्व प्रशासन ने दस्तावेजों पर जमीन को सरकार के नाम पर दर्ज भी कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक यूनिवर्सिटी की जो 12.5 एकड़ जमीन शेष बची है, वह यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर है।
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जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जौहर ट्रस्ट की ओर से जमीन खरीदी गई है उसको लेकर शिकायत की गई थी कि जिन शर्तों के तहत जमीन दी गई थी उसका पालन नहीं किया गया है। शासन से साढ़े 12 एकड़ से अधिक भूमि रखने की अनुमति लेने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के नाम जमीन खरीदी गई थीं। एडीएम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जौहर ट्रस्ट द्वारा शासन द्वारा साढ़े 12 एकड़ से अधिक भूमि खरीदने की अनुमति जिन शर्तों के अधीन दी गई थी उनका पालन नहीं किया गया. इसलिए शर्तों का उल्लंघन मानते हुए मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नाम दर्ज भूमि में साढ़े 12 एकड़ भूमि छोड़कर शेष 70 हेक्टेयर भूमि जो कि लगभग 14 सौ बीघा होती है। एडीएम कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसको लेकर प्रशासन से जवाब मांगा गया था। प्रशासन ने अपना जवाब हाईकोर्ट को उपलब्ध करा दिया है। शासकीय अधिवक्ता राजस्व अजय तिवारी का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन सरकार के नाम पर दर्ज चुकी है। इस मामले में ट्रस्ट ने एडीएम कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
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