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स्वाति मेंथॉल अग्निकांड का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 11:57 PM IST
सार

स्वाति मेंथॉल अग्निकांड का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।सरकार की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने फैक्टरी प्रबंधन के पांच आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए सीजेएम कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए।पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

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issue of swati menthol reached in high court

विस्तार

रामपुर। स्वाति मेंथॉल अग्निकांड का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। सरकार की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने फैक्टरी प्रबंधन के पांच आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए सीजेएम कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर आरोपी पेश हुए और 25-25 हजार जमानती दाखिल करने पर कोर्ट ने सभी रिहा कर दिया। साथ ही हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 01 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के फैजुल्लानगर स्थित स्वाति मेंथोल फैक्टरी में 15 फरवरी 2006 को भीषण आग लग गई थी। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक हादसे में फैक्टरी कर्मी सीताराम गुप्ता, राजेश, विशंभर प्रसाद और लक्ष्मी नारायण की मौत हो गई थी, जबकि उस्मान, अमीर अहमद, घासीराम, विश्राम सिंह, नंदकिशोर, कन्हैया लाल, अंसार अली, यासीन, रमेश, जिया उल नबी व फैसल गंभीर रूप से झुलस गए थे। आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल विभाग के कर्मियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। इस मामले में हरनारायण गुप्ता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान तत्कालीन अग्निशमन अधिकारी जेपी राठौर ने पुलिस को बयान दर्ज कराया था कि इतनी बड़ी फैक्टरी में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसमें पुलिस ने 26 लोगों को गवाह बनाया था। इस मुकदमे का फैसला तत्कालीन जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने 03 जनवरी 2022 को सुनाया था। कोर्ट ने
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सुरेंद्र कुमार गुप्ता, संचित गुप्ता, रामेंद्र गुप्ता, नितिन उर्फ सचिन गुप्ता और संजय अग्रवाल के ऊपर लगाए गए धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करना) आईपीसी के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अभियोजन की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और शिव शंकर प्रसाद की बेंच ने अपील को स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। साथ ही आदेश दिया कि वो 20 सितंबर तक सीजेएम रामपुर की कोर्ट में सरेंडर करें। हाईकोर्ट के आदेश पर सभी आरोपियों ने सीजेएम की कोर्ट में सरेंडर किया और जमानत कराई। अब इस मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में 01 नवंबर को होगी।
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