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Rampur News: तीन साल गुजरे रामपुर में मेडिकल कॉलेज के लिए नहीं मिले निवेशक

Mon, 23 Sep 2024 11:26 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Mon, 23 Sep 2024 11:26 PM IST
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Investors not found for medical college in Rampur after three years
रामपुर। जिले में मेडिकल कॉलेज अब सपना बनकर रह गया है। दो सितंबर 2021 को कैबिनेट बैठक में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिली थी। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर किसी निवेशक ने रूचि नहीं दिखाई है। जिससे यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जाता दिखाई पड़ रहा है। जिससे युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों और राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।
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जिले के लोगों के लिए मेडिकल कॉलेज एक अधूरा ख्बाव बनकर रह गया है। दो सितंबर 2021 को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में रामपुर में पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज के निर्माण के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी। पूर्व सांसद घनश्याम सिंह लोधी ने 2022 में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव दुर्गा शक्ति नागपाल ने इसे मंजूरी दे दी थी। यह मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर बनना था। जिससे सुगम इलाज के साथ युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए एक उम्मीद जगी थी। अधिकारियों ने जिले का दौरा करते हुए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जगह चिह्नित करने की योजना बनाई थी, फिर जब जगह की खोजबीन नहीं हो सकी। यह चर्चा हुई कि मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल परिसर को उच्चीकृत कर बनाया जाएगा। यहां पर ओपीडी शुरू कर मरीजों को 500 बेड की सुविधा देने के लिए भी बातचीत हुई थी, लेकिन यहां से भी कोई बात नहीं बन सकी। फिर अधिकारियों का कहना था कि रेजीडेंस कॉलोनी और मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सदर तहसील के राजस्व ग्राम अलीनगर बेनजीर और जगतपुर में 2.025 हेक्टेयर भूमि पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा, लेकिन यह सभी चीजें हवा-हवाई साबित हुई। अब आलम यह है कि इस मेडिकल कॉलेज की फाइल जिला प्रशासनिक अधिकारियों के सुपुर्द कर दी गई है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई नया कदम नहीं उठाया गया है। शासन और प्रशासन की तरफ से भी कोई हलचल नहीं है। वहीं जनता भी कश-मकश में है और लगातार इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली और आगरा में भटक रही है।
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ये बोले लोग ---
मेडिकल कॉलेज के बारे में काफी समय से सुन रहे हैं, लेकिन आज तक नहीं बना। रामपुर में लोग अधिक बीमार पड़ते हैं और गंभीर बीमारियां भी लोगों को लग रही हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद दौड़ के साथ पैसा भी कम जाता। -सूरज
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यह रामपुर के लिए बड़ी उपलब्धि थी कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो जाता, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती से अभी तक इसका काम नहीं हो सका। यदि यह बन जाएं तो रामपुरवासियाें के लिए एक अच्छा काम होगा। - अमित
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बड़े-बड़े मर्जो के लिए दिल्ली, लखनऊ और मुंबई तक लोगों को भटकना पड़ता है। यह फेसिलिटी अगर रामपुर में आ जाए तो यहां का विकास तो होगा ही साथ ही गंभीर बीमारियों के मरीजों को ज्यादा राहत मिलेगी। - शहजाद

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कैबिनेट में जब इसको मंजूरी मिली थी तो पहले जमीन चिह्नीकरण पर चर्चा हुई थी और कई बार इसके प्रस्ताव पर बातचीत हुई, लेकिन कुछ नहीं हुआ था। इसके बाद अब यह फाइल जिला प्रशासन के अधिकारियों को सुपुर्द कर दी गई है। - डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस, रामपुर।
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मेरे आने से पहले यह प्रस्ताव है, 2021 में इसको कैबिनेट में पास किया गया था, इसके बाद अभी कुछ नहीं हुआ है। मेरे आने से पहले ही यह मामला चल रहा है। - डाॅ. एसपी सिंह, सीएमओ, रामपुर।
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