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Rampur News: यूनिवर्सिटी के उपलब्ध अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां देने के निर्देश
Sat, 26 Sep 2026 12:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:27 AM IST
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रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में दायर याचिका के अंगीकरण पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी।
जिलाधिकारी एवं आरडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी के 15 जुलाई 2026 के आदेश में जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध मानते हुए ध्वस्त करने को कहा गया था। जौहर यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की ओर से इस आदेश को मंडलायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है। फिलहाल याचिका के अंगीकरण पर सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई की तिथि 10 सितंबर नियत थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई थी।
मंडलायुक्त संगीता सिंह की कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई में रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि यूनिवर्सिटी ने जिला पंचायत रामपुर की ओर से सात जनवरी 2012 को बनाई गई नियमावली के अंतर्गत निर्माण की अनुमति नहीं ली है।
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इस पर विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि जनवरी 2012 तक 27 भवन बन चुके थे। इन भवनों को मुकदमे से पृथक किया जाना चाहिए। यह भी कहा गया कि ग्राम सीगनखेड़ा, जहां यूनिवर्सिटी बनी है, वहां रामपुर विकास प्राधिकरण 27 सितंबर 2014 को आया है। इसलिए शेष 11 भवनों पर भी आरडीए को क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।
मंडलायुक्त ने तीन अगस्त को जौहर यूनिवर्सिटी को आदेशित किया था कि वह 2012 से पहले के भवनों के लेआउट प्लान व नक्शे दाखिल करें। इस पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि 27 भवनों के नक्शे अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) रामपुर और सहायक श्रमायुक्त रामपुर को लेबर सेस की जांच के लिए दिए गए थे। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी रामपुर को दी थी। इसलिए रिकॉर्ड डीएम से ही तलब किया जाना चाहिए।
यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने कोर्ट को बताया कि डीएम रामपुर ने उन्हें नक्शों की प्रतियां नहीं दी हैं, जबकि डीएम रामपुर आरडीए के उपाध्यक्ष भी हैं।
कोर्ट ने आरडीए के अधिवक्ता दिनेश चौहान व यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज को सुनकर डीएम रामपुर को आदेशित किया कि यदि कोई रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी ने जिलाधिकारी रामपुर को उपलब्ध कराया है तो उसकी सत्यापित प्रतियां जारी करें। साथ ही यूनिवर्सिटी के पास जो भी रिकॉर्ड उपलब्ध हो, उसे दाखिल करने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी एवं आरडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी के 15 जुलाई 2026 के आदेश में जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध मानते हुए ध्वस्त करने को कहा गया था। जौहर यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की ओर से इस आदेश को मंडलायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है। फिलहाल याचिका के अंगीकरण पर सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई की तिथि 10 सितंबर नियत थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई थी।
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मंडलायुक्त संगीता सिंह की कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई में रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि यूनिवर्सिटी ने जिला पंचायत रामपुर की ओर से सात जनवरी 2012 को बनाई गई नियमावली के अंतर्गत निर्माण की अनुमति नहीं ली है।
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इस पर विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि जनवरी 2012 तक 27 भवन बन चुके थे। इन भवनों को मुकदमे से पृथक किया जाना चाहिए। यह भी कहा गया कि ग्राम सीगनखेड़ा, जहां यूनिवर्सिटी बनी है, वहां रामपुर विकास प्राधिकरण 27 सितंबर 2014 को आया है। इसलिए शेष 11 भवनों पर भी आरडीए को क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।
मंडलायुक्त ने तीन अगस्त को जौहर यूनिवर्सिटी को आदेशित किया था कि वह 2012 से पहले के भवनों के लेआउट प्लान व नक्शे दाखिल करें। इस पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि 27 भवनों के नक्शे अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) रामपुर और सहायक श्रमायुक्त रामपुर को लेबर सेस की जांच के लिए दिए गए थे। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी रामपुर को दी थी। इसलिए रिकॉर्ड डीएम से ही तलब किया जाना चाहिए।
यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने कोर्ट को बताया कि डीएम रामपुर ने उन्हें नक्शों की प्रतियां नहीं दी हैं, जबकि डीएम रामपुर आरडीए के उपाध्यक्ष भी हैं।
कोर्ट ने आरडीए के अधिवक्ता दिनेश चौहान व यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज को सुनकर डीएम रामपुर को आदेशित किया कि यदि कोई रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी ने जिलाधिकारी रामपुर को उपलब्ध कराया है तो उसकी सत्यापित प्रतियां जारी करें। साथ ही यूनिवर्सिटी के पास जो भी रिकॉर्ड उपलब्ध हो, उसे दाखिल करने के निर्देश दिए।