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Rampur News: बांझपन भी टीबी का लक्षण, जांच कराएं
Mon, 09 Sep 2024 05:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 09 Sep 2024 05:04 AM IST
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रामपुर। दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही है या फिर बुखार की समस्या है तो ऐसे में एसीएफ अभियान के तहत घर-घर दस्तक देने वाली स्वास्थ्य टीम को जानकारी जरूर दें। स्वास्थ्य विभाग आज से 20 सितंबर तक एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाने जा रहा है। इसके लिए टीबी की जानकारी करने के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 1800116666 भी जारी किया गया है।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि क्षय रोग यानी टीबी एक गंभीर बीमारी है। इसके उन्मूलन के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत की संकल्पना की गई है। इसको देखते हुए एसीएफ अभियान के दौरान जनपद रामपुर में 5 लाख 84 हजार को मैप किया जाएगा। अभियान के दौरान स्लम, घनी आबादी वाले क्षेत्र, मलिन बस्तियां, हाई रिस्क जनसंख्या (एचआईवी एवं डायबिटीज) अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, मजदूरों, श्रमिक तथा टीबी मुक्त पंचायत जगहों को चिन्हित करते हुए कार्य किया जाएगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा टीबी के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान करते हुए उन्हें लक्षणों के संभावित मरीज के बलगम नमूने एकत्र कर उसकी जांच के लिए पास के जांच केंद्रों पर भेजा जायेगा। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का गाइडलाइन के अनुसार उपचार किया जायेगा। बताया कार्यक्रम में 24 सुपरवाइजरों के साथ 143 टीमें कार्य कर रही हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य रखे गए हैं। डीटीओ ने बताया कि जनपद में दो सीबी नॉट मशीनें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 18 टूनॉट मशीनें भी स्थापित हैं, जहां पर ड्रग रेजिस्टेंट रोगियों की जांच की जाती हैं। डीटीओ ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष में जनपद रामपुर में आज तक मरीज कुल 6751 निक्षय पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। जो कि जनपद का टीबी नोटिफिकेशन लक्ष्य से अधिक प्रतिशत है।
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सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि क्षय रोग यानी टीबी एक गंभीर बीमारी है। इसके उन्मूलन के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत की संकल्पना की गई है। इसको देखते हुए एसीएफ अभियान के दौरान जनपद रामपुर में 5 लाख 84 हजार को मैप किया जाएगा। अभियान के दौरान स्लम, घनी आबादी वाले क्षेत्र, मलिन बस्तियां, हाई रिस्क जनसंख्या (एचआईवी एवं डायबिटीज) अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, मजदूरों, श्रमिक तथा टीबी मुक्त पंचायत जगहों को चिन्हित करते हुए कार्य किया जाएगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा टीबी के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान करते हुए उन्हें लक्षणों के संभावित मरीज के बलगम नमूने एकत्र कर उसकी जांच के लिए पास के जांच केंद्रों पर भेजा जायेगा। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का गाइडलाइन के अनुसार उपचार किया जायेगा। बताया कार्यक्रम में 24 सुपरवाइजरों के साथ 143 टीमें कार्य कर रही हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य रखे गए हैं। डीटीओ ने बताया कि जनपद में दो सीबी नॉट मशीनें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 18 टूनॉट मशीनें भी स्थापित हैं, जहां पर ड्रग रेजिस्टेंट रोगियों की जांच की जाती हैं। डीटीओ ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष में जनपद रामपुर में आज तक मरीज कुल 6751 निक्षय पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। जो कि जनपद का टीबी नोटिफिकेशन लक्ष्य से अधिक प्रतिशत है।
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