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Rampur News: जुलाई के पहले पखवाड़े में ही हुई पिछले साल से साढ़े तीन गुना बारिश
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रामपुर। उत्तराखंड के पहाड़ों के नजदीक बसे रामपुर में बादल खूब बरस रहे हैं। पिछले 14 दिन से जिले में लगातार बारिश हो रही है। 14 दिन में अब तक 195.33 मिलीमीटर (मिमी.) बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले साल पूरे जुलाई माह में सिर्फ 52.72 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी इस बार बीते साल की अपेक्षा 14 दिन में ही साढ़े तीन गुना बारिश हो चुकी है। वहीं 2021 में जुलाई में 240.66 मिलीमीटर बारिश के साथ बादल झमाझम बरसे थे।
रामपुर से उत्तराखंड के नैनीताल की दूरी 100 किलोमीटर है। मौसम के जानकारों की मानें तो पहाड़ों पर बादल जल्दी बनते हैं इसलिए मानसून में बारिश का असर रामपुर में अच्छा रहता है। हालांकि, बीते वर्ष 2022 में जुलाई महीने में 15 वर्षों में सबसे कम 52.72 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष भी आषाढ़ यानी मई-जून के महीने में उम्मीद के अनुरूप बारिश नहीं हुई, लेकिन जुलाई महीने में मानसून की दस्तक बढ़िया ढंग से हुई। बादल खूब बरस रहे हैं। शुक्रवार को जिले में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। जुलाई में अब तक 195.33 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग 20 जुलाई तक इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जता रहा है।
लगातार बारिश से फसलों को नुकसान
जुलाई की शुरुआत में बारिश होने से फसल को थोड़ा फायदा हुआ था, क्योंकि जमीन सूखी थी जिसकी वजह से पानी सोख गई। लेकिन लगातार बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सब्जियों में लौकी, तोरई, गोभी आदि को नुकसान हुआ। बारिश से धान को फायदा है। हालांकि, कई जगह पर निचले हिस्सों में धान के खेतों में बारिश का पानी भी भर गया। इससे नुकसान होगा।
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जुलाई में पिछले वर्षों में हुई बारिश
2023 में अब तक-195.33
2022-52.72
2021-240.66
2020-119.98
2019-245.36
2018-149.20
2017-260.77
नोट-बारिश मिलीमीटर में है
बयान-- --
पहाड़ों पर बादल जल्दी बनते हैं इसलिए पहाड़ों के नजदीक शहरों में बारिश अन्य शहरों के मुकाबले अधिक होती है। मानसून 20 जुलाई तक इसी प्रकार सक्रिय रहेगा।
-- -डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय
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रामपुर से उत्तराखंड के नैनीताल की दूरी 100 किलोमीटर है। मौसम के जानकारों की मानें तो पहाड़ों पर बादल जल्दी बनते हैं इसलिए मानसून में बारिश का असर रामपुर में अच्छा रहता है। हालांकि, बीते वर्ष 2022 में जुलाई महीने में 15 वर्षों में सबसे कम 52.72 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष भी आषाढ़ यानी मई-जून के महीने में उम्मीद के अनुरूप बारिश नहीं हुई, लेकिन जुलाई महीने में मानसून की दस्तक बढ़िया ढंग से हुई। बादल खूब बरस रहे हैं। शुक्रवार को जिले में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। जुलाई में अब तक 195.33 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग 20 जुलाई तक इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जता रहा है।
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लगातार बारिश से फसलों को नुकसान
जुलाई की शुरुआत में बारिश होने से फसल को थोड़ा फायदा हुआ था, क्योंकि जमीन सूखी थी जिसकी वजह से पानी सोख गई। लेकिन लगातार बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सब्जियों में लौकी, तोरई, गोभी आदि को नुकसान हुआ। बारिश से धान को फायदा है। हालांकि, कई जगह पर निचले हिस्सों में धान के खेतों में बारिश का पानी भी भर गया। इससे नुकसान होगा।
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जुलाई में पिछले वर्षों में हुई बारिश
2023 में अब तक-195.33
2022-52.72
2021-240.66
2020-119.98
2019-245.36
2018-149.20
2017-260.77
नोट-बारिश मिलीमीटर में है
बयान
पहाड़ों पर बादल जल्दी बनते हैं इसलिए पहाड़ों के नजदीक शहरों में बारिश अन्य शहरों के मुकाबले अधिक होती है। मानसून 20 जुलाई तक इसी प्रकार सक्रिय रहेगा।