{"_id":"57225f2f4f1c1b1a5fa92ad6","slug":"impure-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंदा और बदबूदार पानी पी रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंदा और बदबूदार पानी पी रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
रामपुर के पुरानी आवास विकास कालोनी में खराब पड़ा ओवरहेड टैंक।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नगर क्षेत्र में कई मोहल्लों में लोग गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। पालिका नियमित टंकियों की सफाई की बात कर रही है। इसके बावजूद घरों में पीला और बदबूदार पानी आ रहा है।
अधिकतर टंकियों पर सफाई की अवधि भी दर्ज नहीं है। ओटी टेस्टिंग की प्रक्रिया भी कुछ दिनों से थमी हुई है। इससे लोगों तक क्लोरीनेटेड पानी पहुंच रहा है या नहीं इसकी भी पड़ताल नहीं हो पा रही। गर्मियों में समुचित क्लोरीनीकरण के बिना गंदा पानी लोगों को डायरिया, टायफाइड, पीलिया जैसे संक्रामक रोगों की चपेट में भी ला सकता है।
ओटी टेस्ट की प्रक्रिया भी थमी ः अप्रैल से ही पालिका की ओर से सप्लाई पानी की ओटी टेस्टिंग शुरू कर दी जाती है। इस बार पिछले कई दिनों से ओटी टेस्टिंग नहीं हो रही है। इससे इस बात का भी पता नहीं चल रहा कि पालिका द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी सही ढंग से क्लोरीनीकरण किया गया है या नहीं। सही ढंग से क्लोरीनीकरण न होने से पानी की बैक्टीरिया मारने की क्षमता कम हो जाती है।
विज्ञापन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. वीके त्यागी ने बताया कि मलेरिया-फाइलेरिया अभियान के कारण कुछ दिनों से ओटी टेस्ट की प्रक्रिया बाधित हुई है। इसे सुचारू कराया जाएगा।
टंकियों पर दर्ज नहीं सफाई की अवधिः नगर क्षेत्र की अधिकतर टंकियों पर सफाई की अवधि भी दर्ज नहीं है। मानकानुसार साल में कम से कम दो बार टंकियों की सफाई होनी चाहिए। सफाई की तारीख व अगली सफाई की निर्धारित तिथि टंकी पर लिखी होनी। नगर में अधिकतर टंकियों पर यह दर्ज नहीं है। पालिका प्रशासन के अनुसार नवंबर माह में टंकियों की सफाई कराई गई थी।
अधिकतर टंकियों पर सफाई की अवधि भी दर्ज नहीं है। ओटी टेस्टिंग की प्रक्रिया भी कुछ दिनों से थमी हुई है। इससे लोगों तक क्लोरीनेटेड पानी पहुंच रहा है या नहीं इसकी भी पड़ताल नहीं हो पा रही। गर्मियों में समुचित क्लोरीनीकरण के बिना गंदा पानी लोगों को डायरिया, टायफाइड, पीलिया जैसे संक्रामक रोगों की चपेट में भी ला सकता है।
विज्ञापन
ओटी टेस्ट की प्रक्रिया भी थमी ः अप्रैल से ही पालिका की ओर से सप्लाई पानी की ओटी टेस्टिंग शुरू कर दी जाती है। इस बार पिछले कई दिनों से ओटी टेस्टिंग नहीं हो रही है। इससे इस बात का भी पता नहीं चल रहा कि पालिका द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी सही ढंग से क्लोरीनीकरण किया गया है या नहीं। सही ढंग से क्लोरीनीकरण न होने से पानी की बैक्टीरिया मारने की क्षमता कम हो जाती है।
विज्ञापन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. वीके त्यागी ने बताया कि मलेरिया-फाइलेरिया अभियान के कारण कुछ दिनों से ओटी टेस्ट की प्रक्रिया बाधित हुई है। इसे सुचारू कराया जाएगा।
टंकियों पर दर्ज नहीं सफाई की अवधिः नगर क्षेत्र की अधिकतर टंकियों पर सफाई की अवधि भी दर्ज नहीं है। मानकानुसार साल में कम से कम दो बार टंकियों की सफाई होनी चाहिए। सफाई की तारीख व अगली सफाई की निर्धारित तिथि टंकी पर लिखी होनी। नगर में अधिकतर टंकियों पर यह दर्ज नहीं है। पालिका प्रशासन के अनुसार नवंबर माह में टंकियों की सफाई कराई गई थी।