{"_id":"64b1abe586334563b90bbfa5","slug":"imams-told-ucc-wrong-demanded-government-to-give-up-intention-to-bring-law-rampur-news-c-282-1-rmp1001-1123-2023-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: इमामों ने यूसीसी को बताया गलत, सरकार से कानून लाने का इरादा छोड़ने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: इमामों ने यूसीसी को बताया गलत, सरकार से कानून लाने का इरादा छोड़ने की मांग
विज्ञापन
रामपुर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद दुआ मांगते नमाजी। संवाद
रामपुर। जिले में शुक्रवार को मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान टांडा में नमाज से पहले मस्जिदों में इमामों ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को गलत ठहराया। कहा कि सरकार से यूसीसी लाने का इरादा छोड़ देना चाहिए। इसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की गई। रामपुर में शहर में जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। स्वार, मिलक, शाहबाद समेत कई इलाकों में मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। इस बीच टांडा की मस्जिदों में यूसीसी को लेकर इमामों ने बयान दिया। इसका विरोध करते हुए कहा कि यूसीसी किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। मुस्लिम समुदाय के लोगों से आग्रह किया कि विधि आयोग की ओर से मांगी गई राय पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें। यह साफ कर दें कि इसी कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नगर की मस्जिदों में जुमा की नमाज से पहले दिए गए अपने बयान में इमामों ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ, शरिया एप्लीकेशन एक्ट 1937 पर आधारित है। इससे देश में मुसलमानों की धार्मिक पहचान जुड़ी है। इसलिए भारत के मुस्लिम समुदाय की सरकार से मांग है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को प्रभावित करने वाले समान नागरिक संहिता को लाने का इरादा छोड़ देना चाहिए।
समान नागरिक संहिता किसी के हित में नहीं है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील है कि विधि आयोग से मांगी गई राय पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।
विज्ञापन
- डॉ. असद रहमानी, जिलाध्यक्ष, जमीयत उलमा, टांडा
विज्ञापन
नगर की मस्जिदों में जुमा की नमाज से पहले दिए गए अपने बयान में इमामों ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ, शरिया एप्लीकेशन एक्ट 1937 पर आधारित है। इससे देश में मुसलमानों की धार्मिक पहचान जुड़ी है। इसलिए भारत के मुस्लिम समुदाय की सरकार से मांग है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को प्रभावित करने वाले समान नागरिक संहिता को लाने का इरादा छोड़ देना चाहिए।
विज्ञापन
समान नागरिक संहिता किसी के हित में नहीं है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील है कि विधि आयोग से मांगी गई राय पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।
विज्ञापन
- डॉ. असद रहमानी, जिलाध्यक्ष, जमीयत उलमा, टांडा