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पोकलैन मशीनों से कोसी को खोखला कर रहे खनन माफिया
अमर उजाला ब्यूरो / रामपुर
Updated Mon, 01 May 2017 01:06 AM IST
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रामपुर में शहर से सटी कोसी नदी में अवैध खनन में जुटे ट्रैक्टर।
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जिले में योगी सरकार बनने के बाद अवैध खनन थमने में नहीं आ रहा है। अवैध खनन में अभी तक बैलगाड़ियां और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन अब प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ढिलाई से खनन धंधेबाज जेसीबी और पोकलेन मशीनों को कोसी नदी में उतार रहे हैं। इससे खनन बढ़ता रहा है।
जिले में सबसे ज्यादा अवैध खनन कोसी नदी में किया जाता है। उत्तराखंड बार्डर पर सुल्तानपुर पट्टी इलाके से लेकर पटवाई शाहबाद में रामगंगा मिलान तक कोसी नदी को खनन धंधेबाज खंगाल रहे हैं। उत्तराखंड में खनन नीति बनने के बाद सख्ती हो गई है, वहां पीएसी लगा दी गई है।
लिहाजा खनन पर रोक है। ऐसे में माफिया का रुख उत्तर प्रदेश की ओर हो गया है। स्वार के मसवासी और टांडा के दढ़ियाल इलाके से लेकर अजीमनगर लालपुर, से रवाना गांव और कोसी नदी रेलवे पुल से पटवाई शाहबाद तक जमकर खनन होने लगा है। कुछ इलाकों में पोकलेन मशीनें लगाकर रेती निकाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन के अधिकारी खनन धंधेबाजों को नहीं रोक पा रहे हैं।
जिले में सबसे ज्यादा अवैध खनन कोसी नदी में किया जाता है। उत्तराखंड बार्डर पर सुल्तानपुर पट्टी इलाके से लेकर पटवाई शाहबाद में रामगंगा मिलान तक कोसी नदी को खनन धंधेबाज खंगाल रहे हैं। उत्तराखंड में खनन नीति बनने के बाद सख्ती हो गई है, वहां पीएसी लगा दी गई है।
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लिहाजा खनन पर रोक है। ऐसे में माफिया का रुख उत्तर प्रदेश की ओर हो गया है। स्वार के मसवासी और टांडा के दढ़ियाल इलाके से लेकर अजीमनगर लालपुर, से रवाना गांव और कोसी नदी रेलवे पुल से पटवाई शाहबाद तक जमकर खनन होने लगा है। कुछ इलाकों में पोकलेन मशीनें लगाकर रेती निकाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन के अधिकारी खनन धंधेबाजों को नहीं रोक पा रहे हैं।
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