{"_id":"584efbff4f1c1b676f64a0c3","slug":"illegal-mining-in-kosi-river","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजीतपुर चौकी के सामने हो रहा अवैध खनन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजीतपुर चौकी के सामने हो रहा अवैध खनन
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुुर
Updated Tue, 13 Dec 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
घूघा नदी में जेसीबी द्वारा काटा गया खेत।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले भरे में खुलेआम अवैध खनन का कारोबार हो रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद भी डीएम से लेकर एसपी तक इस अवैध खनन को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे है जबकि कुछ तो पुलिस वाले ही इस खनन को अपने आंखो के सामने करा रहे है।
जिले भरे में अवैध खनन का कारोबार जोड़ शोर से चल रहा है। लेकिन इस पर अकुंश लगाने की बात तो दूर प्रशासन और पुलिस इन गाड़ियो को सीज तक नहीं कर पाती है।कोसी नदी में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर चौकी और ज्वालानगर चौकी के सामने तकड़े से ही लेकर दोपहर तक रेत से भरी टैक्ट्रर ट्राली खुलेआम वहां से गुज जाती है। लेकिन दोनों चौकियों के प्रभारी इनको रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे है। जबकि यहां पर तैनात कुछ सिपाही अपनी देख रेख में खनन का काम करवाते है। यहां से तीस से चालीस टैक्ट्रर ट्राली यहां से गुजर जाती है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। जबकि
विज्ञापन
स्वार और टांडा तहसील क्षेत्र के गांवों में हर रोज 50 से लेकर 70 ट्रालियां खनन से लदकर निकल रही हैं। घोसीपुरा और सुल्तानपुर पट्टी इलाके में चौबीस घंटे जमकर जेसीबी गरज रही है। वहा के रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि खेत में गेहूं की बुवाई की गई है, रात में निकलने वाली ट्रालियां खेतों को रौंद जाती हैं मसवासी की मानपुर चौकी और दढ़ियाल चौकी इलाके में दिन निकलते ही और शाम को ट्रालियों में भरकर रेता ढोया जा रहा है।
विज्ञापन
उधर शहर में नेशनल हाइवे पर बने बाईपास के रास्ते से कोसी नदी से अवैध खनन का कारोबार जमकर चल रहा है। दिन निकलने से पहले की खनन कारोबारी आगापुर के रास्ते कोसी नदी पर पहुंच जाते हैं। उसके बाद वहां से रेता लेकर आगापुर के रास्ते ज्वालानगर आ जाते हैँ। वही टैक्ट्रर ट्रालिया अजीतपुर चौकी के सामने से होती हुई बाईपास पर चली जाती है। लेकिन दोनों चौकियो में से एक भी चौकी इंचार्ज इन पर कार्रवाई करने से डरते है। खुलेआम 1200 रुपये ट्राली और 400 रुपये डनलप बेचते हैं। चौकी के अदंर से बैठकर दरोगा सिपाही ट्रालियों को देखते रहते हैं, कार्रवाई नहीं करते।
गुरुवार सुबह किसी कंट्रोल रुम लखनऊ को फोन किया था कि किटप्लाई पर सुबह के समय अवैध खनन का कारोबार हो रहा था। मैसेज लखनऊ से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में चलने वाली डायल 100 को आया, मौके पर जाकर एक ट्राली को रोक कर उस पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। लेकिन मामला कुछ सिपाहियों का हाथ होने के कारण उस वाहन को भी छोड़ दिया गया।