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होली का त्योहार है आया, रंग-रंगीला मौसम लाया
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:40 AM IST
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श्री हरिनाम संकीर्तन परिवार की ओर से आवास विकास के ग्रीन पार्क में होली का मनभावन उत्सव मनाते लोग
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होली का त्योहार है आया, रंग रंगीला मौसम लाया, रामपुर में ब्रज की होली देखने को मिली। बिहारी जी और राधा रानी के साथ लोगों ने फूलों और चंदन के साथ होली खेली। श्री हरिनाम संकीर्तन परिवार की ओर से आवास विकास के ग्रीन पार्क में होली का मनभावन उत्सव मनाया गया, जिसमें होली के भजनों में लोग जमकर थिरके और खूब धमाल मचाया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री गणेश वंदना, गुरू वंदना और हरि वंदन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद प्रभु को रिझाने के लिए मनमोहक भजन गाए गए। तत्पश्चात होली का रंग छाने लगा और होली के भजनों के साथ ही लोगों ने थिरकना शुरू कर दिया। होली में ब्रजमंडल की परंपरा का नजारा देखने को मिला। जयकारे लगाते हुए नाचने गाने का सिलसिला रहा। एक तरफ पुरुष ग्वालों रूप में नाचे तो दूसरी तरफ महिलाएं गोपियों के भाव में थिरकीं। संस्था के विवेक अग्रवाल, आदित्य वर्मा, सुजीत रस्तोगी आदि ने भजन गाए।
प्रेम रंग बरसे रे आज होली में, आज ब्रज में होली रे रसिया, आज नाचेंगे हम तो जी भर के, मुझे अपने ही रंग में रंग ले मेरे यार सांवरे, चढ़ गई श्याम भंग होली में, सांवरिया ने डालो रंग हाय मैं रंगीली हो गई, आजा लग जा गले नंदलाल की आई आज होली है, होली में लाज न कर गोरी होली में, चलो रे सखी फागुन फाग मनाने सरीखे भजन गाए। डीएमए की शिक्षिका विनीता जोशी ने भी राधा कृष्ण के होली खेलने का प्रसंग सुनाया सभी को झूम उठे। इसके बाद भोग लगाने के बाद भंडारा शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आरती और शांति पाठ संग समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री गणेश वंदना, गुरू वंदना और हरि वंदन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद प्रभु को रिझाने के लिए मनमोहक भजन गाए गए। तत्पश्चात होली का रंग छाने लगा और होली के भजनों के साथ ही लोगों ने थिरकना शुरू कर दिया। होली में ब्रजमंडल की परंपरा का नजारा देखने को मिला। जयकारे लगाते हुए नाचने गाने का सिलसिला रहा। एक तरफ पुरुष ग्वालों रूप में नाचे तो दूसरी तरफ महिलाएं गोपियों के भाव में थिरकीं। संस्था के विवेक अग्रवाल, आदित्य वर्मा, सुजीत रस्तोगी आदि ने भजन गाए।
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प्रेम रंग बरसे रे आज होली में, आज ब्रज में होली रे रसिया, आज नाचेंगे हम तो जी भर के, मुझे अपने ही रंग में रंग ले मेरे यार सांवरे, चढ़ गई श्याम भंग होली में, सांवरिया ने डालो रंग हाय मैं रंगीली हो गई, आजा लग जा गले नंदलाल की आई आज होली है, होली में लाज न कर गोरी होली में, चलो रे सखी फागुन फाग मनाने सरीखे भजन गाए। डीएमए की शिक्षिका विनीता जोशी ने भी राधा कृष्ण के होली खेलने का प्रसंग सुनाया सभी को झूम उठे। इसके बाद भोग लगाने के बाद भंडारा शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आरती और शांति पाठ संग समारोह का समापन हुआ।
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