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Rampur News: दो मूर्तियों पर दो पक्षों के विवाद से गर्माया गुलड़िया कलां
Wed, 05 Mar 2025 01:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 05 Mar 2025 01:28 AM IST
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शाहबाद (रामपुर)।
गुलड़िया कलां गांव में ग्राम पंचायत की भूमि पर बालाजी की मूर्ति स्थापित करने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर दो पक्ष मंगलवार सुबह आमने-सामने आ गए। दोनों में जमकर कहासुनी हुई। इस बीच चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी थी। जिस पर पुलिस गांव में पहुंची।
दिनभर प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। वहीं, प्रशासन के कहने पर एक पक्ष ने बालाजी की मूर्ति हटाकर मंदिर में स्थापित कर दी, जबकि दूसरे पक्ष की महिलाएं आंबेडकर प्रतिमा न हटाने की जिद पर अड़ी है। हालांकि, देर रात करीब दस बजे दूसरे पक्ष ने भी आंबेडकर की प्रतिमा हटा ली।
एक पक्ष के ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले ग्राम पंचायत की भूमि पर गांव के ही एक पक्ष ने बालाजी की मूर्ति की स्थापना की थी। वहीं, तीन दिन पहले उन्होंने भी ग्राम पंचायत की ही जमीन पर दूसरी जगह आंबेडकर की प्रतिमा लगाई। इसका दूसरे पक्ष के लोग विरोध करने लगे। मूर्ति लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हो गई। दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। जानकारी होने पर तहसीलदार राकेश कुमार चंद्रा, सीओ हर्षिता सिंह, नायब तहसीलदार व प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत गांव में पहुंचे।
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अधिकारियों ने दोनों पक्षों समझाकर मामला शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। एक पक्ष के लोगों का कहना था कि पहले बालाजी की मूर्ति को हटाया जाए। इसके बाद ही वह आंबेडकर की प्रतिमा हटाएंगे। पुलिस-प्रशासन ने दोनों पक्षों के लोगों को मूर्ति व प्रतिमा हटाने के लिए एक दिन का समय दिया। इस पर एक पक्ष के लोगों ने बालाजी की मूर्ति को हटाकर मंदिर में स्थापित कर दिया है। लेकिन, दूसरे पक्ष के लोगों ने आंबेडकर की मूर्ति नहीं हटाई और हंगामा करते रहे। प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत और प्रशासन अधिकारी देर रात तक गांव में मौजूद रहे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे। आंबेडकर की प्रतिमा नहीं हटाने की सूचना पर सीओ हर्षिता सिंह दोबारा गांव में पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाया। इस पर रात करीब दस बजे दूसरे पक्ष के लोगों ने भी आंबेडकर प्रतिमा हटा ली।
मूर्ति हटाने पर दी थी पलायन की धमकी
डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के विरोध के बाद मौके पर ही एक पक्ष की महिलाएं इकट्ठा हो गईं थीं। महिलाओं ने कहा था कि यदि आंबेडकर की प्रतिमा हटाई गई, तो वह सभी गांव से पलायन कर लेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
महिलाएं बोलीं - विरोध करने वालों ने पहले दिया था चंदा
गुलड़िया कलां में एक पक्ष के लोगों का कहना है कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की सूचना चौकीदार ने पुलिस को दी। इस पक्ष की महिलाओं का आरोप है कि डेढ़ माह पूर्व जब बालाजी की मूर्ति की स्थापना हुई थी, तो चौकीदार ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? उधर, महिलाओं का यह भी कहना था कि बालाजी की मूर्ति स्थापना के दौरान उन्होंने व विवाद कर रहे दूसरे पक्ष ने दोनों प्रतिमा के लिए चंदा दिया था। आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विरोध करने वालों ने ही उन लोगों को ग्राम पंचायत की जमीन पर प्रतिमा स्थापना की सलाह भी दी थी। लेकिन, अब वही लोग राजनीति कर रहे हैं।
छुट्टी से वापस बुलाए एसडीएम
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय दो दिन पहले छुट्टी लेकर घर गए थे। स्थिति से निपटने को डीएम ने इन्हें से वापस बुला लिया है। एसडीएम ने बताया कि वह घर से लौट रहे हैं।
देर रात तक गांव में डटी रही पुलिस
गुलड़िया कलां गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा ग्राम पंचायत की जमीन से हटाने के लिए पुलिस देर रात तक प्रयास करती रही। करीब रात दस बजे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी की सूझबूझ से ग्रामीण माने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटाई। सीओ हर्षिता सिंह ने बताया कि रात करीब दस बजे बाबा साहब की प्रतिमा को हटवा दिया गया है। अब गांव में शांति बनी हुई।
- ग्राम पंचायत की जमीन पर किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना गलत है और वह भी बिना सक्षम स्तर से यदि ऐसा हो रहा है तो अपराध है। इस मामले में संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।
- जोगिंदर सिंह, डीएम
- ग्राम पंचायत की जमीन पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना गलत है। नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। मौके पर पुलिस तैनात है। कोई भी माहौल खराब करेगा तो सख्ती से निपटेंगे। - विद्या सागर मिश्र, एसपी
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गुलड़िया कलां गांव में ग्राम पंचायत की भूमि पर बालाजी की मूर्ति स्थापित करने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर दो पक्ष मंगलवार सुबह आमने-सामने आ गए। दोनों में जमकर कहासुनी हुई। इस बीच चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी थी। जिस पर पुलिस गांव में पहुंची।
दिनभर प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। वहीं, प्रशासन के कहने पर एक पक्ष ने बालाजी की मूर्ति हटाकर मंदिर में स्थापित कर दी, जबकि दूसरे पक्ष की महिलाएं आंबेडकर प्रतिमा न हटाने की जिद पर अड़ी है। हालांकि, देर रात करीब दस बजे दूसरे पक्ष ने भी आंबेडकर की प्रतिमा हटा ली।
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एक पक्ष के ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले ग्राम पंचायत की भूमि पर गांव के ही एक पक्ष ने बालाजी की मूर्ति की स्थापना की थी। वहीं, तीन दिन पहले उन्होंने भी ग्राम पंचायत की ही जमीन पर दूसरी जगह आंबेडकर की प्रतिमा लगाई। इसका दूसरे पक्ष के लोग विरोध करने लगे। मूर्ति लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हो गई। दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। जानकारी होने पर तहसीलदार राकेश कुमार चंद्रा, सीओ हर्षिता सिंह, नायब तहसीलदार व प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत गांव में पहुंचे।
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अधिकारियों ने दोनों पक्षों समझाकर मामला शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। एक पक्ष के लोगों का कहना था कि पहले बालाजी की मूर्ति को हटाया जाए। इसके बाद ही वह आंबेडकर की प्रतिमा हटाएंगे। पुलिस-प्रशासन ने दोनों पक्षों के लोगों को मूर्ति व प्रतिमा हटाने के लिए एक दिन का समय दिया। इस पर एक पक्ष के लोगों ने बालाजी की मूर्ति को हटाकर मंदिर में स्थापित कर दिया है। लेकिन, दूसरे पक्ष के लोगों ने आंबेडकर की मूर्ति नहीं हटाई और हंगामा करते रहे। प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत और प्रशासन अधिकारी देर रात तक गांव में मौजूद रहे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे। आंबेडकर की प्रतिमा नहीं हटाने की सूचना पर सीओ हर्षिता सिंह दोबारा गांव में पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाया। इस पर रात करीब दस बजे दूसरे पक्ष के लोगों ने भी आंबेडकर प्रतिमा हटा ली।
मूर्ति हटाने पर दी थी पलायन की धमकी
डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के विरोध के बाद मौके पर ही एक पक्ष की महिलाएं इकट्ठा हो गईं थीं। महिलाओं ने कहा था कि यदि आंबेडकर की प्रतिमा हटाई गई, तो वह सभी गांव से पलायन कर लेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
महिलाएं बोलीं - विरोध करने वालों ने पहले दिया था चंदा
गुलड़िया कलां में एक पक्ष के लोगों का कहना है कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की सूचना चौकीदार ने पुलिस को दी। इस पक्ष की महिलाओं का आरोप है कि डेढ़ माह पूर्व जब बालाजी की मूर्ति की स्थापना हुई थी, तो चौकीदार ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? उधर, महिलाओं का यह भी कहना था कि बालाजी की मूर्ति स्थापना के दौरान उन्होंने व विवाद कर रहे दूसरे पक्ष ने दोनों प्रतिमा के लिए चंदा दिया था। आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विरोध करने वालों ने ही उन लोगों को ग्राम पंचायत की जमीन पर प्रतिमा स्थापना की सलाह भी दी थी। लेकिन, अब वही लोग राजनीति कर रहे हैं।
छुट्टी से वापस बुलाए एसडीएम
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय दो दिन पहले छुट्टी लेकर घर गए थे। स्थिति से निपटने को डीएम ने इन्हें से वापस बुला लिया है। एसडीएम ने बताया कि वह घर से लौट रहे हैं।
देर रात तक गांव में डटी रही पुलिस
गुलड़िया कलां गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा ग्राम पंचायत की जमीन से हटाने के लिए पुलिस देर रात तक प्रयास करती रही। करीब रात दस बजे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी की सूझबूझ से ग्रामीण माने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटाई। सीओ हर्षिता सिंह ने बताया कि रात करीब दस बजे बाबा साहब की प्रतिमा को हटवा दिया गया है। अब गांव में शांति बनी हुई।
- ग्राम पंचायत की जमीन पर किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना गलत है और वह भी बिना सक्षम स्तर से यदि ऐसा हो रहा है तो अपराध है। इस मामले में संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।
- जोगिंदर सिंह, डीएम
- ग्राम पंचायत की जमीन पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना गलत है। नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। मौके पर पुलिस तैनात है। कोई भी माहौल खराब करेगा तो सख्ती से निपटेंगे। - विद्या सागर मिश्र, एसपी