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टूटने लगी ज्वेलर्स की हिम्मत, दुकानें खुलीं
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:35 PM IST
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रामपुर में सोमवार को खुलीं सर्राफा की दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला
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एक्साइज ड्यूटी को लेकर अब सर्राफा कारोबारियों की हिम्मत साथ छोड़ने लगी है। सोमवार को शहर में कई सर्राफा कारोबारियों की दुकानें खुली रहीं। हालांकि ज्वालानगर सर्राफा कमेटी ने हड़ताल जारी रखने का दावा किया। साहूकारा सर्राफा कमेटी से जुड़े कारोबारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध की बात कही। लगातार 41 दिन से चल रही सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल का केंद्र सरकार पर तो कोई असर नजर नहीं आया।
कारोबार बंद पड़े होने से आर्थिक परेशानी झेल रहे सर्राफा कारोबारियों ने अब बैकफुट पर आना शुरू कर दिया है। मार्च माह के अंत से ही अक्सर कुछ सर्राफा दुकानें खुली देखी जा रही थीं। नवरात्र में खुलने वाली दुकानों की संख्या बढ़ने लगी। आलम ये है कि अब तो सर्राफा की अधिकतर दुकानें खुल रही हैं। कुछ कारोबारी तो दुुकानें खोलकर भी हड़ताल का दावा कर रहे हैं। अप्रैल में नवरात्र शुरू होने और गेहूं की फसल कट जाने के बाद ज्वैलरी की खरीदारी शुरू हो जाती है।
ऐसे में पिछले एक माह से अधिक समय से कारोबार बंद कर हड़ताल पर बैठे सर्राफा कारोबारियों ने भी हड़ताल की मार से उबरने की कोशिश शुरू कर दी है। सोमवार को शहर सर्राफा बाजार, सिविल लाइंस और ज्वालानगर में कई दुकानें खुली रहीं और कारोबार भी हुआ। साहूकारा सर्राफा कमेटी के सदस्य चंद्रप्रकाश रस्तोगी ने कहा कि प्रदर्शन जारी है। सोमवार को भी कारोबारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया है।
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उन्होंने ये भी स्वीकारा की अब दुकानें खुलने लगी हैं। वहीं, ज्वालानगर सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर रस्तोगी ने सोमवार को भी हड़ताल की बात कही। सर्राफा कारोबारियों के एकत्र होकर प्रदर्शन भई किया। मीडिया प्रभारी मनोज रस्तोगी ने कहा कि 25 अप्रैल को भारत बंद के संकेत मिल रहे हैं। इस दौरान दिलीप गोयल, चंद्रराज मित्तल, प्रदीप सिंह, अंकुर अग्रवाल, पारस, अनुज अग्रवाल, उमेश, गौरव गुप्ता, विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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कारोबार बंद पड़े होने से आर्थिक परेशानी झेल रहे सर्राफा कारोबारियों ने अब बैकफुट पर आना शुरू कर दिया है। मार्च माह के अंत से ही अक्सर कुछ सर्राफा दुकानें खुली देखी जा रही थीं। नवरात्र में खुलने वाली दुकानों की संख्या बढ़ने लगी। आलम ये है कि अब तो सर्राफा की अधिकतर दुकानें खुल रही हैं। कुछ कारोबारी तो दुुकानें खोलकर भी हड़ताल का दावा कर रहे हैं। अप्रैल में नवरात्र शुरू होने और गेहूं की फसल कट जाने के बाद ज्वैलरी की खरीदारी शुरू हो जाती है।
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ऐसे में पिछले एक माह से अधिक समय से कारोबार बंद कर हड़ताल पर बैठे सर्राफा कारोबारियों ने भी हड़ताल की मार से उबरने की कोशिश शुरू कर दी है। सोमवार को शहर सर्राफा बाजार, सिविल लाइंस और ज्वालानगर में कई दुकानें खुली रहीं और कारोबार भी हुआ। साहूकारा सर्राफा कमेटी के सदस्य चंद्रप्रकाश रस्तोगी ने कहा कि प्रदर्शन जारी है। सोमवार को भी कारोबारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया है।
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उन्होंने ये भी स्वीकारा की अब दुकानें खुलने लगी हैं। वहीं, ज्वालानगर सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर रस्तोगी ने सोमवार को भी हड़ताल की बात कही। सर्राफा कारोबारियों के एकत्र होकर प्रदर्शन भई किया। मीडिया प्रभारी मनोज रस्तोगी ने कहा कि 25 अप्रैल को भारत बंद के संकेत मिल रहे हैं। इस दौरान दिलीप गोयल, चंद्रराज मित्तल, प्रदीप सिंह, अंकुर अग्रवाल, पारस, अनुज अग्रवाल, उमेश, गौरव गुप्ता, विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।