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अब तो हमारी सुन लो ‘सरकार’
ब्यूराे/अमर उजाला, रामपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:50 PM IST
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रामपुर में मंगलवार को एक्साइज ड्यूटी के विरोध में हड़ताल पर बैठे सर्राफा कारोबारी।
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल 35वें दिन भी जारी रही। ज्वालानगर और साहूकारा सर्राफ कमेटी के सदस्य मंगलवार को भी भूख हड़ताल पर बैठे। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया। एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की गई। ज्वालानगर सर्राफा कमेटी के सदस्यों ने बाजार में भ्रमण किया और एक्साइज ड्यूटी के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद सभी सदस्य एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की।
कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर रस्तोगी ने कहा कि सर्राफा कारोबारियों के विरोध-प्रदर्शन में व्यापारी संगठनों के साथ ही अन्य संगठनों का सहयोग मिल रहा है। हड़ताल से सर्राफा कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है। सरकार को अब तो कुछ सोचना चाहिए। इस दौरान मनोज कुमार रस्तोगी, दिलीप गोयल, राजीव लोचन, अंकुर अग्रवाल, उमेश रस्तोगी, रामकिशन गुप्ता, पराग जिंदल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। साहूकारा सर्राफा कमेटी के सदस्यों ने भी हड़ताल जारी रखी और पदाधिकारियों ने एकजुटता की अपील की।
कमेटी के अध्यक्ष परितोष चांदीवाला ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का असर सरकार पर नहीं हो रहा है। सर्राफा कारोबारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में सर्राफा कारोबारियों को मजबूरन हिंसक आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा। इस दौरान चंद्रप्रकाश रस्तोगी, अशेष अग्रवाल, रविप्रकाश, विनोद कुमार रस्तोगी, निशांत रस्तोगी, मुकेश अग्रवाल, आसिफ, श्याम शर्मा, अंशुल रस्तोगी, विनीत अगवाल, शैलेंद्र शर्मा आदि रहे।
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कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर रस्तोगी ने कहा कि सर्राफा कारोबारियों के विरोध-प्रदर्शन में व्यापारी संगठनों के साथ ही अन्य संगठनों का सहयोग मिल रहा है। हड़ताल से सर्राफा कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है। सरकार को अब तो कुछ सोचना चाहिए। इस दौरान मनोज कुमार रस्तोगी, दिलीप गोयल, राजीव लोचन, अंकुर अग्रवाल, उमेश रस्तोगी, रामकिशन गुप्ता, पराग जिंदल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। साहूकारा सर्राफा कमेटी के सदस्यों ने भी हड़ताल जारी रखी और पदाधिकारियों ने एकजुटता की अपील की।
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कमेटी के अध्यक्ष परितोष चांदीवाला ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का असर सरकार पर नहीं हो रहा है। सर्राफा कारोबारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में सर्राफा कारोबारियों को मजबूरन हिंसक आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा। इस दौरान चंद्रप्रकाश रस्तोगी, अशेष अग्रवाल, रविप्रकाश, विनोद कुमार रस्तोगी, निशांत रस्तोगी, मुकेश अग्रवाल, आसिफ, श्याम शर्मा, अंशुल रस्तोगी, विनीत अगवाल, शैलेंद्र शर्मा आदि रहे।
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