{"_id":"687bfde8336196490d085a6e","slug":"gis-survey-doubled-the-income-of-bodies-rampur-news-c-282-1-pbt1003-149801-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: जीआईएस सर्वे ने निकायों की आय की दोगुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: जीआईएस सर्वे ने निकायों की आय की दोगुनी
विज्ञापन
रामपुर। निकायों में गृहकर एवं जलकर के रूप में राजस्व वसूली का दायरा काफी बढ़ गया है। जीआईएस सर्वे के चलते निकायों की आय दोगुनी बढ़ गई है। साथ ही टैक्स का दायरा भी बढ़ गया है।
निकायों की आय बढ़ाने और संपत्तियों में बढ़ोतरी के लिए इस वक्त जीआईएस सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे प्रारंभ होने से पूर्व 62819 भवनों एवं संपत्तियों से गृहकर एवं जलकर की वसूली की जा रही थी। वर्तमान में 146815 भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं संपत्तियों से गृहकर और जलकर वसूलने की कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में प्रक्रियाधीन जीआईएस सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद करीब 60 हजार संपत्तियां बढ़ जाएंगी। इसके बाद जिले की स्थानीय निकायों में कुल भवनों एवं संपत्तियों का आंकड़ा दो लाख से अधिक हो जाएगा जिनसे गृहकर एवं जलकर की वसूली की जाएगी। जिले में मसवासी, सैफनी, नरपतनगर दूंदावाला और दढ़ियाल में जीआईएस सर्वे शत प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वहीं रामपुर, स्वार, शाहबाद, मिलक, बिलासपुर, केमरी और टांडा में भी सर्वे कार्य अंतिम चरण में है। वार्डवार आंकड़ों के मुताबिक स्थानीय निकायों के कुल 231 वार्डों के सापेक्ष 191 वार्डों में जीआईएस सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है।
डीएम जोगिंदर सिंह के अनुसार जून 2025 तक के लिए 2.74 करोड़ रुपये गृहकर एवं जलकर के रूप में राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 10. 84 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली की जा चुकी है। डीएम का कहना है कि राजस्व वसूली को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए जीआईएस सर्वे के आधार पर स्थानीय निकायों की संपत्तियों और भवनों को चिन्हित कराया गया है, वहीं ई-पेमेंट के रूप में कर संग्रह की पारदर्शी व्यवस्था भी लागू कराई जा रही है।
विज्ञापन
शराब की दुकान पर आएंगी टैक्स के दायरे में
नगरीय क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंप, शराब की दुकान, मॉल सहित विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित करके उन्हें टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कहां कितनी संपत्तियां
निकाय-- - संपत्तियां
रामपुर 70632
स्वार-- -8974
टांडा-- -- 10043
मिलक-- - 9201
बिलासपुर-- - 12139
केमरी- 4077
शाहबाद-- -8250,
मसवासी-- -4251
सैफनी-- -6748
नरपतनगर दूंदावाला- 4869
दड़ियाल-- -7631
विज्ञापन
निकायों की आय बढ़ाने और संपत्तियों में बढ़ोतरी के लिए इस वक्त जीआईएस सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे प्रारंभ होने से पूर्व 62819 भवनों एवं संपत्तियों से गृहकर एवं जलकर की वसूली की जा रही थी। वर्तमान में 146815 भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं संपत्तियों से गृहकर और जलकर वसूलने की कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में प्रक्रियाधीन जीआईएस सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद करीब 60 हजार संपत्तियां बढ़ जाएंगी। इसके बाद जिले की स्थानीय निकायों में कुल भवनों एवं संपत्तियों का आंकड़ा दो लाख से अधिक हो जाएगा जिनसे गृहकर एवं जलकर की वसूली की जाएगी। जिले में मसवासी, सैफनी, नरपतनगर दूंदावाला और दढ़ियाल में जीआईएस सर्वे शत प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वहीं रामपुर, स्वार, शाहबाद, मिलक, बिलासपुर, केमरी और टांडा में भी सर्वे कार्य अंतिम चरण में है। वार्डवार आंकड़ों के मुताबिक स्थानीय निकायों के कुल 231 वार्डों के सापेक्ष 191 वार्डों में जीआईएस सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है।
विज्ञापन
डीएम जोगिंदर सिंह के अनुसार जून 2025 तक के लिए 2.74 करोड़ रुपये गृहकर एवं जलकर के रूप में राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 10. 84 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली की जा चुकी है। डीएम का कहना है कि राजस्व वसूली को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए जीआईएस सर्वे के आधार पर स्थानीय निकायों की संपत्तियों और भवनों को चिन्हित कराया गया है, वहीं ई-पेमेंट के रूप में कर संग्रह की पारदर्शी व्यवस्था भी लागू कराई जा रही है।
विज्ञापन
शराब की दुकान पर आएंगी टैक्स के दायरे में
नगरीय क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंप, शराब की दुकान, मॉल सहित विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित करके उन्हें टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है।
कहां कितनी संपत्तियां
निकाय
रामपुर 70632
स्वार
टांडा
मिलक
बिलासपुर
केमरी- 4077
शाहबाद
मसवासी
सैफनी
नरपतनगर दूंदावाला- 4869
दड़ियाल