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Rampur News: तीन एकड़ भूमि और चार पक्के कमरे फिर भी फिर भी मिल गए दो पीएम आवास
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स्वार। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में जांच के दौरान अनियमितता पकड़ में आई है। नगर में ऐसे शख्स के परिवार को दो आवास स्वीकृत कर दिए गए जिसके पास तीन एकड़ जमीन के अलावा चार पक्के कमरों का एक मकान पहले से मौजूद हैं।
थाना दिवस में कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि नगर के एक वार्ड निवासी एक परिवार को पात्र मानकर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत दो आवास स्वीकृत हुए और उनके खातों में धनराशि भिजवाई गई है। एसडीएम सचिन राजपूत ने शिकायत को गंभीरता से लिया और लेखपाल को जांच के आदेश दे दिए।
डूडा के अवर अभियंता राजेश गुप्ता और लेखपाल दीपक भटनागर ने बृहस्पतिवार को जांच की। तब पता चला कि वास्तव में लाभार्थियों के चार पक्के कमरे का एक मकान है। यही नहीं परिवार में तीन एकड़ कृषि भूमि भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
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जांच में पता चला कि सुविधा शुल्क लेकर जिम्मेदार लोगों ने खंडहरनुमा घर दिखाया फिर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत दो आवास अवंटित करा लिए और खाते में एक लाख रुपये की किस्त डलवा दी है। जांच में इस बात का भी पता चला कि जिस खंडहर को दिखाया गया था वहां अभी तक कोई निर्माण भी नहीं कराया गया है। जांच के दायरे में आए अपात्र का आरोप है कि आवास दिलाने के नाम पर उससे बीस हजार रुपये लिए जा चुके हैं। लेखपाल ने जांच रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को प्रेषित की है। शिकायतकर्ताओं जुनैद, जहानत और जुबैर आदि का कहना है कि पात्र परिवार खुले आकाश में गुजर बसर कर रहे हैं और अपात्रों को लाभ पहुंचाया गया है। एसडीएम सचिन राजपूत का कहना है कि पूरे मामले में जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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थाना दिवस में कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि नगर के एक वार्ड निवासी एक परिवार को पात्र मानकर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत दो आवास स्वीकृत हुए और उनके खातों में धनराशि भिजवाई गई है। एसडीएम सचिन राजपूत ने शिकायत को गंभीरता से लिया और लेखपाल को जांच के आदेश दे दिए।
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डूडा के अवर अभियंता राजेश गुप्ता और लेखपाल दीपक भटनागर ने बृहस्पतिवार को जांच की। तब पता चला कि वास्तव में लाभार्थियों के चार पक्के कमरे का एक मकान है। यही नहीं परिवार में तीन एकड़ कृषि भूमि भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
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जांच में पता चला कि सुविधा शुल्क लेकर जिम्मेदार लोगों ने खंडहरनुमा घर दिखाया फिर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत दो आवास अवंटित करा लिए और खाते में एक लाख रुपये की किस्त डलवा दी है। जांच में इस बात का भी पता चला कि जिस खंडहर को दिखाया गया था वहां अभी तक कोई निर्माण भी नहीं कराया गया है। जांच के दायरे में आए अपात्र का आरोप है कि आवास दिलाने के नाम पर उससे बीस हजार रुपये लिए जा चुके हैं। लेखपाल ने जांच रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को प्रेषित की है। शिकायतकर्ताओं जुनैद, जहानत और जुबैर आदि का कहना है कि पात्र परिवार खुले आकाश में गुजर बसर कर रहे हैं और अपात्रों को लाभ पहुंचाया गया है। एसडीएम सचिन राजपूत का कहना है कि पूरे मामले में जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।