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135 ऐतिहासिक भवनों का रिकार्ड भी गायब
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:34 PM IST
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रिकार्ड रूम में एक और घपला सामने आया है। रियासतकालीन 135 भवनों और जमीनों के रिकार्ड की फाइल भी रिकार्ड रूम से गायब हो गई। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। तलाश के लिए कई विभागों के कर्मियों की फौज के साथ ही अफसरों को भी लगाया गया है।
रिकार्ड रूम के एक-एक कागज का बारीकी से अवलोकन किया जा रहा है, ताकि पुराने भवनों और जमीनों का रिकार्ड मिल सके। रामपुर में जमीनों के अभिलेखों को सुरक्षित रखने का काम यूं तो तहसीलों के साथ ही जिला मुख्यालय पर होता है। जिला मुख्यालय पर दो रिकार्ड रूम हैं।
पहले में राजस्व से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाता है, जबकि दूसरे रिकार्ड रूम में विभागों की ओर से अधिग्रहीत की गई जमीनों और भवनों के रिकार्ड के साथ ही अन्य फाइलों को रखा जाता है। डुंगरपुर, बमनपुरी और ताशका की जमीन के रिकार्ड की फाइल गायब होने के बाद कई अन्य महत्वपूर्ण फाइलों को भी तलाशा गया तो अफसरों के होश उड़ गए।
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अंग्रेजी रिकार्ड रूम में रखी गईं तमाम महत्वपूर्ण फाइले नहीं मिलीं। इसमें मदरसा आलिया का भी सरकारी रिकार्ड गायब है। रिकार्ड रूम से रामपुर रियासत के सरकार में मर्ज होने के बाद रियासतकालीन भवनों को सरकार की ओर से अधिग्रहीत किया गया था।
इसके तहत तमाम भवनों के साथ ही सरकारी जमीनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए उसके रिकार्ड को वर्ष 1953 में उसका रिकार्ड रिकार्ड रूम में रखवा दिया गया। इसके बाद इन कागजातों की जरूरत ही महसूस नहीं की गई। अब जब मदरसा आलिया के भवन संबंधित कागजातों की जरूरत महसूस की गई तो पता चला कि एक-दो नहीं बल्कि पूरे 135 रियासतकालीन भवनों का रिकार्ड ही गायब है।
ये जानने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी होने के बाद डीएम ने इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार को रिकार्ड तलाश कराने का जिम्मा सौंप दिया गया। अब रिकार्ड रूम में इसकी तलाश शुरू कर दी गई है। रिकार्ड रूम में उन कर्मचारियों को भी लगाया गया है जिन विभागों से संबंधित फाइलें हैं।
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रिकार्ड रूम के एक-एक कागज का बारीकी से अवलोकन किया जा रहा है, ताकि पुराने भवनों और जमीनों का रिकार्ड मिल सके। रामपुर में जमीनों के अभिलेखों को सुरक्षित रखने का काम यूं तो तहसीलों के साथ ही जिला मुख्यालय पर होता है। जिला मुख्यालय पर दो रिकार्ड रूम हैं।
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पहले में राजस्व से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाता है, जबकि दूसरे रिकार्ड रूम में विभागों की ओर से अधिग्रहीत की गई जमीनों और भवनों के रिकार्ड के साथ ही अन्य फाइलों को रखा जाता है। डुंगरपुर, बमनपुरी और ताशका की जमीन के रिकार्ड की फाइल गायब होने के बाद कई अन्य महत्वपूर्ण फाइलों को भी तलाशा गया तो अफसरों के होश उड़ गए।
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अंग्रेजी रिकार्ड रूम में रखी गईं तमाम महत्वपूर्ण फाइले नहीं मिलीं। इसमें मदरसा आलिया का भी सरकारी रिकार्ड गायब है। रिकार्ड रूम से रामपुर रियासत के सरकार में मर्ज होने के बाद रियासतकालीन भवनों को सरकार की ओर से अधिग्रहीत किया गया था।
इसके तहत तमाम भवनों के साथ ही सरकारी जमीनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए उसके रिकार्ड को वर्ष 1953 में उसका रिकार्ड रिकार्ड रूम में रखवा दिया गया। इसके बाद इन कागजातों की जरूरत ही महसूस नहीं की गई। अब जब मदरसा आलिया के भवन संबंधित कागजातों की जरूरत महसूस की गई तो पता चला कि एक-दो नहीं बल्कि पूरे 135 रियासतकालीन भवनों का रिकार्ड ही गायब है।
ये जानने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी होने के बाद डीएम ने इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार को रिकार्ड तलाश कराने का जिम्मा सौंप दिया गया। अब रिकार्ड रूम में इसकी तलाश शुरू कर दी गई है। रिकार्ड रूम में उन कर्मचारियों को भी लगाया गया है जिन विभागों से संबंधित फाइलें हैं।