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जिला सहकारी बैंक के दो शाखा प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज
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रामपुर। जिला सहकारी बैंक घोटाले के मामले में पटवाई थाने में जिला सहकारी बैंक पटवाई शाखा वरिष्ठ एवं कनिष्ठ प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों के खिलाफ शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट बैंक उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई है। हालांकि, 12.55 लाख रुपये गबन के बाद यह धनराशि जमा करा ली गई थी। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा का है। दरअसल, सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि आ रही थी। लाभार्थियों का खाता जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा में था। इन लाभार्थियों में से कई लोगों की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी पेंशन जारी होने का सिलसिला जारी था।
हालांकि, बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी कि कई लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने साजबाज कर विभिन्न खातों से करीब लाखों रुपये निकाल लिए। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो उनके कान खड़े हो गए। बैंक सचिव ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। मामले की जांच बैंक के उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता को सौंपी गई, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरूकर दी।
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शुरुआती जांच की आंच जब बैंक कर्मचारियों के गले तक पहुंची, तो गबन की गई करीब 12.55 लाख रुपये की धनराशि जमा करा दी गई। इसी शुरुआती जांच में जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, कनिष्ठ शाखा प्रबंधक अवधेश कुशवाहा, बाबू रामगोपाल यादव व ओमकार एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शाकिर दोषी पाए गए, जिसके बाद जांच अधिकारी ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट के बाद शुरुआती जांच के आधार पर बैंक सचिव उपेंद्र कुमार सारस्वत ने पांचों को निलंबित कर दिया था।
वहीं, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने भी अपने स्तर पर जांच एआर को-ऑपरेटिव हरेंद्र कुमार को सौंप दी थी, जिसके बाद एआर को-ऑपरेटिव ने बैंक सचिव को पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। जिस पर उप महाप्रबंधक ने पटवाई थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पटवाई एसओ कोमिल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 420, 409, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मामला जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा का है। दरअसल, सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि आ रही थी। लाभार्थियों का खाता जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा में था। इन लाभार्थियों में से कई लोगों की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी पेंशन जारी होने का सिलसिला जारी था।
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हालांकि, बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी कि कई लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने साजबाज कर विभिन्न खातों से करीब लाखों रुपये निकाल लिए। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो उनके कान खड़े हो गए। बैंक सचिव ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। मामले की जांच बैंक के उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता को सौंपी गई, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरूकर दी।
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शुरुआती जांच की आंच जब बैंक कर्मचारियों के गले तक पहुंची, तो गबन की गई करीब 12.55 लाख रुपये की धनराशि जमा करा दी गई। इसी शुरुआती जांच में जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, कनिष्ठ शाखा प्रबंधक अवधेश कुशवाहा, बाबू रामगोपाल यादव व ओमकार एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शाकिर दोषी पाए गए, जिसके बाद जांच अधिकारी ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट के बाद शुरुआती जांच के आधार पर बैंक सचिव उपेंद्र कुमार सारस्वत ने पांचों को निलंबित कर दिया था।
वहीं, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने भी अपने स्तर पर जांच एआर को-ऑपरेटिव हरेंद्र कुमार को सौंप दी थी, जिसके बाद एआर को-ऑपरेटिव ने बैंक सचिव को पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। जिस पर उप महाप्रबंधक ने पटवाई थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पटवाई एसओ कोमिल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 420, 409, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।