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Rampur News: रामपुर में मिला डेंगू का पहला मरीज
Wed, 14 Oct 2026 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:56 AM IST
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रामपुर। बारिश के बाद जिले में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में इस साल डेंगू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। तहसील सदर के पेंदीनगर गांव निवासी 35 वर्षीय मुराद अली में डेंगू की पुष्टि हुई है।
कई दिन से बुखार और चक्कर आने से परेशान मुराद अली को सोमवार को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां उनका उपचार चल रहा है। मुराद अली ने बताया कि कई दिन से लगातार बुखार आ रहा था और चक्कर भी आ रहे थे।
इस पर उन्होंने मिलक खानम में एक निजी लैब में जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव तक नहीं कराया गया है।
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पहला मरीज मिलने के बाद भी बचाव के इंतजाम नहीं
बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करना और प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के उपाय करना जरूरी है। पेंदीनगर में डेंगू का मरीज मिलने के बाद ग्रामीणों ने छिड़काव नहीं होने की बात कही है। इससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अभियान कागजों तक सीमित
पिछले साल डेंगू के 57 मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि विभाग बीमारी फैलने के बाद ही जागता है। दवा का छिड़काव हो या स्वास्थ्य शिविर लगाने की बात, सब कुछ कागजों में चलता रहता है। अब जिले में डेंगू का पहला मरीज मिलने के बाद भी वही सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हकीकत भी सवालों के घेरे में है।
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घर में जमा पानी बन सकता है मच्छरों का ठिकाना
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। घरों में रखे कूलर, गमले, पानी की टंकी, पुराने टायर और खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को खाली कर साफ करें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
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डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार आना
- सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- मतली और उल्टी होना
- त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना
बचाव के उपाय
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर और पानी के बर्तनों को नियमित साफ करें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।
- सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
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जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए आठ बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। वार्ड में मच्छरदानी समेत सभी जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल, रामपुर
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डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी के बर्तनों को नियमित साफ करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। तेज बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच कराएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें। -डॉ. दशरथ सिंह, वरिष्ठ परामर्शदाता, जिला अस्पताल, रामपुर
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कई दिन से बुखार और चक्कर आने से परेशान मुराद अली को सोमवार को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां उनका उपचार चल रहा है। मुराद अली ने बताया कि कई दिन से लगातार बुखार आ रहा था और चक्कर भी आ रहे थे।
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इस पर उन्होंने मिलक खानम में एक निजी लैब में जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव तक नहीं कराया गया है।
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पहला मरीज मिलने के बाद भी बचाव के इंतजाम नहीं
बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करना और प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के उपाय करना जरूरी है। पेंदीनगर में डेंगू का मरीज मिलने के बाद ग्रामीणों ने छिड़काव नहीं होने की बात कही है। इससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अभियान कागजों तक सीमित
पिछले साल डेंगू के 57 मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि विभाग बीमारी फैलने के बाद ही जागता है। दवा का छिड़काव हो या स्वास्थ्य शिविर लगाने की बात, सब कुछ कागजों में चलता रहता है। अब जिले में डेंगू का पहला मरीज मिलने के बाद भी वही सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हकीकत भी सवालों के घेरे में है।
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घर में जमा पानी बन सकता है मच्छरों का ठिकाना
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। घरों में रखे कूलर, गमले, पानी की टंकी, पुराने टायर और खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को खाली कर साफ करें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
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डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार आना
- सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- मतली और उल्टी होना
- त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना
बचाव के उपाय
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर और पानी के बर्तनों को नियमित साफ करें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।
- सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
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जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए आठ बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। वार्ड में मच्छरदानी समेत सभी जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल, रामपुर
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डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी के बर्तनों को नियमित साफ करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। तेज बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच कराएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें। -डॉ. दशरथ सिंह, वरिष्ठ परामर्शदाता, जिला अस्पताल, रामपुर