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मंडी समिति तत्कालीन सभापति समेत छह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा
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रामपुर। धोखाधड़ी के आरोप में कृषि उत्पादन मंडी के तत्कालीन सभापति, तत्कालीन मंडी सचिव एवं वाणिज्य कर विभाग के तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर गंज थाने में दर्ज की गई है।
मामला गंज थाना क्षेत्र का है। मुहल्ला इस्लाम गंज निवासी जरीफ अहमद का कहना है कि वह लकड़ी का कारोबार करते हैं। इस कारोबार के लिए मंडी समिति के पंजीकरण कराने के लिए शपथ पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा की। इसके साथ ही 252 रुपये की पंजीकरण शुल्क की रसीद भी पेश की थी, जिसके बाद मंडी समिति ने प्रपत्र जारी कर दिए थे। 14 सितंबर 2018 से लकड़ी का कारोबार शुरु किया। वाणिज्य कर खंड दो के असिस्टेंट कमिश्नर ने एक पत्र मंडी समिति के सचिव को भेजा, जिसमें उनके नाम से पंजीकृत फर्म मैसर्स जेडए हैंडीक्राफ्ट पर लकड़ी की बिक्री की जा रही है, जबकि फर्म का पंजीयन लकड़ी कारोबार के लिए नहीं है। 11 मार्च 2019 को असिस्टेंट कमिश्नर के सचल दल ने लकड़ी से भरा उनका ट्रक रोक लिया। असिस्टेंट कमिश्नर सगीर अहमद से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके नाम से एक अन्य फर्म सई ट्रेडर्सा के नाम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा रखा है, जिस पर करीब 46 लाख रुपये का जीएसटी बकाया है। जब फर्म के कागजात देखे गए तो पता लगा कि फर्म फर्जी कागजों के आधार पर पंजीकृत की गई है। मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कागजों का दुरुपयोग करते हुए उनके ही नाम से एक फर्म पंजीकृत होन के बाद भी दूसरा पंजीकरण कैसे जारी कर दिया, जिसका जीएसटी भी अलग है। इसके बाद उन्होंने इस बावत गंज थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर गंज थाने की पुलिस ने तत्कालीन मंडी सभापति ओमप्रकाश तिवारी, तत्कालीन मंडी सचिव चंदन सिंह, निरीक्षक रणजीत सिंह, मंडी सहायक संजय, प्रधान लिपिक आनंद पाल, वाणिज्य कर विभाग के तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर सगीर अहमद खां समेत 10 से 12 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गंज इंस्पेक्टर रामवीर सहिं ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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मामला गंज थाना क्षेत्र का है। मुहल्ला इस्लाम गंज निवासी जरीफ अहमद का कहना है कि वह लकड़ी का कारोबार करते हैं। इस कारोबार के लिए मंडी समिति के पंजीकरण कराने के लिए शपथ पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा की। इसके साथ ही 252 रुपये की पंजीकरण शुल्क की रसीद भी पेश की थी, जिसके बाद मंडी समिति ने प्रपत्र जारी कर दिए थे। 14 सितंबर 2018 से लकड़ी का कारोबार शुरु किया। वाणिज्य कर खंड दो के असिस्टेंट कमिश्नर ने एक पत्र मंडी समिति के सचिव को भेजा, जिसमें उनके नाम से पंजीकृत फर्म मैसर्स जेडए हैंडीक्राफ्ट पर लकड़ी की बिक्री की जा रही है, जबकि फर्म का पंजीयन लकड़ी कारोबार के लिए नहीं है। 11 मार्च 2019 को असिस्टेंट कमिश्नर के सचल दल ने लकड़ी से भरा उनका ट्रक रोक लिया। असिस्टेंट कमिश्नर सगीर अहमद से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके नाम से एक अन्य फर्म सई ट्रेडर्सा के नाम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा रखा है, जिस पर करीब 46 लाख रुपये का जीएसटी बकाया है। जब फर्म के कागजात देखे गए तो पता लगा कि फर्म फर्जी कागजों के आधार पर पंजीकृत की गई है। मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कागजों का दुरुपयोग करते हुए उनके ही नाम से एक फर्म पंजीकृत होन के बाद भी दूसरा पंजीकरण कैसे जारी कर दिया, जिसका जीएसटी भी अलग है। इसके बाद उन्होंने इस बावत गंज थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर गंज थाने की पुलिस ने तत्कालीन मंडी सभापति ओमप्रकाश तिवारी, तत्कालीन मंडी सचिव चंदन सिंह, निरीक्षक रणजीत सिंह, मंडी सहायक संजय, प्रधान लिपिक आनंद पाल, वाणिज्य कर विभाग के तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर सगीर अहमद खां समेत 10 से 12 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गंज इंस्पेक्टर रामवीर सहिं ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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