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Rampur News: फर्जी शिकायत कर मतदाता का नाम कटवाने पर होगी जेल, जुर्माना भी लगेगा
Wed, 21 Oct 2026 12:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:53 AM IST
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रामपुर। मतदाता सूची से किसी पात्र मतदाता का नाम हटवाने के लिए झूठी शिकायत करना भारी पड़ सकता है। फॉर्म-7 में गलत जानकारी देने, झूठी घोषणा करने या फर्जी शिकायत दर्ज कराने पर दोषी पाए जाने की स्थिति में एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रशासन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखने और राजनीतिक या व्यक्तिगत रंजिश में नाम कटवाने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने की बात कही है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम इन दिनों चल रहा है। इसके तहत फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं। डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मतदाता सूची तैयार करने, संशोधित करने या उसमें सुधार से संबंधित जानबूझकर दिए गए झूठे बयान और असत्य घोषणा पर दंड का प्रावधान है।
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ऐसे में फॉर्म-7 भरते समय शिकायतकर्ता को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बिना ठोस आधार के किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराना या जानबूझकर गलत तथ्य देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
डीएम के अनुसार, फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य मृतक, स्थानांतरित हो चुके अथवा अन्य निर्धारित कारणों से अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर सूची को दुरुस्त करना है। यदि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किसी पात्र मतदाता का नाम हटवाने के लिए किया जाता है तो मामला गंभीर हो सकता है।
वर्जन
मतदाता सूची में नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें। फॉर्म-7 में केवल सही, सत्यापित और प्रामाणिक जानकारी दें। मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है, लेकिन किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटवाने की कोशिश कानून के दायरे में कार्रवाई का आधार बन सकती है। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
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आज से शुरू होगा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अभियान
रामपुर। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और संशोधन कराने के लिए बुधवार से विशेष अभियान शुरू होगा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच कराने का मौका मिलेगा। इसके लिए मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी और प्रपत्र-6, 6ए, 7 व 8 उपलब्ध रहेंगे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि आयोग के निर्देश पर एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 21, 22, 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों सभी मतदान केंद्रों पर पदाभिहित अधिकारी और आवश्यक स्टाफ मौजूद रहेगा।
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-6, विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6ए, नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-7 और विवरण में संशोधन या स्थान परिवर्तन के लिए प्रपत्र-8 उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर संबंधित प्रपत्र भरकर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।
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निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रशासन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखने और राजनीतिक या व्यक्तिगत रंजिश में नाम कटवाने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने की बात कही है।
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मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम इन दिनों चल रहा है। इसके तहत फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं। डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मतदाता सूची तैयार करने, संशोधित करने या उसमें सुधार से संबंधित जानबूझकर दिए गए झूठे बयान और असत्य घोषणा पर दंड का प्रावधान है।
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ऐसे में फॉर्म-7 भरते समय शिकायतकर्ता को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बिना ठोस आधार के किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराना या जानबूझकर गलत तथ्य देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
डीएम के अनुसार, फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य मृतक, स्थानांतरित हो चुके अथवा अन्य निर्धारित कारणों से अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर सूची को दुरुस्त करना है। यदि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किसी पात्र मतदाता का नाम हटवाने के लिए किया जाता है तो मामला गंभीर हो सकता है।
वर्जन
मतदाता सूची में नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें। फॉर्म-7 में केवल सही, सत्यापित और प्रामाणिक जानकारी दें। मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है, लेकिन किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटवाने की कोशिश कानून के दायरे में कार्रवाई का आधार बन सकती है। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
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आज से शुरू होगा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अभियान
रामपुर। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और संशोधन कराने के लिए बुधवार से विशेष अभियान शुरू होगा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच कराने का मौका मिलेगा। इसके लिए मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी और प्रपत्र-6, 6ए, 7 व 8 उपलब्ध रहेंगे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि आयोग के निर्देश पर एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 21, 22, 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों सभी मतदान केंद्रों पर पदाभिहित अधिकारी और आवश्यक स्टाफ मौजूद रहेगा।
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-6, विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6ए, नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-7 और विवरण में संशोधन या स्थान परिवर्तन के लिए प्रपत्र-8 उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर संबंधित प्रपत्र भरकर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।