{"_id":"6182cb6a8f141a36b96d8939","slug":"farmers-diwali-happiness-lost-in-cooperatives-strike-rampur-news-mbd4083808171","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी समितियों की हड़ताल में खो गईं किसानों की दिवाली की खुशियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी समितियों की हड़ताल में खो गईं किसानों की दिवाली की खुशियां
विज्ञापन
रामपुर। पहले से ही बारिश और बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान से कराह रहे किसानों की मुसीबतें अब सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल ने बढ़ा दी है। रोशनी के त्योहार दिवाली में भी किसानों के सामने से परेशानियों का अंधेरा छंटने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल, अब किसानों के खेतों से बारिश और बाढ़ का पानी सूखा और उनके खेत गेहूं की बोआई के लिए तैयार हुए, तो किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। वह भी सिर्फ समिति कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से। ऐसे में जहां सब लोग दिवाली के त्योहार के जश्न में डूबे हैं, वहीं किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पूरा पूरा दिन सिर्फ आस में कट रहा है कि अब समिति पर खाद मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन शाम तक थक हार कर बिना खाद के ही किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है। पूरे जिले की समितियों का यही हाल है।
-हमारी समिति दीपपुर गांव में है। सुबह समिति पर गए थे। लेकिन समिति बंद थी, चौकीदार ने कहा कि खाद की गाड़ी नहीं आई है। इसलिए, आज खाद नहीं मिलेगा। अब शाहबाद में खाद लेने के लिए आए हैं। ऐसे में जहां सभी लोग दिवाली के त्योहार के जश्न में डूबे हुए हैं, वहीं हमें खाद के धक्के काटने पड़ रहे हैं।
-संतोष, किसान, निवासी किरा।
समिति बंद है। खाद को मना कर दिया। कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल रहा है। रोजाना खाद लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। अब दिवाली की छुट्टियां हो जाएंगी, जिससे आगामी कुछ दिनों तक तो दिक्कत और अधिक होगी।
विज्ञापन
-रामप्रसाद, किसान, असालतपुर।
-खाद न मिलने की वजह से हम अपने खेत में गेहूं, मटर, लाई की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। समितियों के कई बार चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। सब लोग दिवाली मना रहे हैं और हम लोगों को खाद के लिए समितियों पर लाइनें लगानी पड़ रही हैं। ऐसे में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को कोई दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए थी।
-सुखदेव सिंह, किसान, ग्राम पंजाब नगर।
-किसान सेवा सहकारी समिति मनकरा पर खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति बंद है। ऐसे में किसान खाद के लेने के लिए कहां जाएं। प्रशासन को किसानों के लिए खाद की व्यवस्था के इंतजाम बेहतर करने चाहिए थे, मगर प्रशासन किसानों की अनदेखी कर रहा है, जो कि गलत है।
-मोहम्मद हनीफ, किसान, ग्राम मनकरा।
विज्ञापन
-हमारी समिति दीपपुर गांव में है। सुबह समिति पर गए थे। लेकिन समिति बंद थी, चौकीदार ने कहा कि खाद की गाड़ी नहीं आई है। इसलिए, आज खाद नहीं मिलेगा। अब शाहबाद में खाद लेने के लिए आए हैं। ऐसे में जहां सभी लोग दिवाली के त्योहार के जश्न में डूबे हुए हैं, वहीं हमें खाद के धक्के काटने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
-संतोष, किसान, निवासी किरा।
समिति बंद है। खाद को मना कर दिया। कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल रहा है। रोजाना खाद लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। अब दिवाली की छुट्टियां हो जाएंगी, जिससे आगामी कुछ दिनों तक तो दिक्कत और अधिक होगी।
विज्ञापन
-रामप्रसाद, किसान, असालतपुर।
-खाद न मिलने की वजह से हम अपने खेत में गेहूं, मटर, लाई की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। समितियों के कई बार चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। सब लोग दिवाली मना रहे हैं और हम लोगों को खाद के लिए समितियों पर लाइनें लगानी पड़ रही हैं। ऐसे में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को कोई दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए थी।
-सुखदेव सिंह, किसान, ग्राम पंजाब नगर।
-किसान सेवा सहकारी समिति मनकरा पर खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति बंद है। ऐसे में किसान खाद के लेने के लिए कहां जाएं। प्रशासन को किसानों के लिए खाद की व्यवस्था के इंतजाम बेहतर करने चाहिए थे, मगर प्रशासन किसानों की अनदेखी कर रहा है, जो कि गलत है।
-मोहम्मद हनीफ, किसान, ग्राम मनकरा।